MP News : भूपेन्द्र भदौरिया/भिंड – मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। लहार से भाजपा विधायक अंबरीश शर्मा गुड्डू के साले सुधांशु मोहन द्विवेदी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ गोविंद सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है।
डॉ गोविंद सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लहार थाने में दर्ज यह एफआईआर पूरी तरह से राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उनका दावा है कि यह झूठा केस सुधांशु को मुंबई से लाकर लहार जेल में वीआईपी सुविधाएं देने के लिए दर्ज किया गया है।
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बिना अनुमति के मिली थी सुरक्षा, रसूख का असर साफ
गोविंद सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सुधांशु को 22 अगस्त 2024 को बिना राज्य सुरक्षा समिति की मंजूरी के दो गनमैन दिए गए थे। सुरक्षा आदेश में यह उल्लेख तक था कि समिति की मंजूरी की “प्रत्याशा” में यह सुरक्षा दी जा रही है।सुधांशु मोहन द्विवेदी को उस समय राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी का राष्ट्रीय संगठन महासचिव बताया गया था।
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ED की जांच में 97 करोड़ के फ्रॉड में पहले से जेल में
डॉ सिंह ने बताया कि सुधांशु और उसका साथी रवि पहले से 97 करोड़ के आर्थिक फ्रॉड में मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद थे। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केस दर्ज कर रखा है।
अब लहार पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर सुधांशु को लाकर जेल में रखा है, जहां कथित तौर पर उसे वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष को मिल रही धमकियां
सबसे गंभीर आरोप यह रहा कि डॉ गोविंद सिंह ने खुद कहा कि उन्हें फोन पर खुलेआम धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा: “मध्य प्रदेश में अब अराजकता का माहौल बन गया है, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं।”









