Raipur Bulldozer Action: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण अंचल धरसींवा के अंतर्गत आने वाले ग्राम सारागांव में प्रशासनिक अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। यहां राजस्व विभाग द्वारा की गई एक बड़ी बुलडोजर कार्रवाई से आक्रोशित होकर ईयाराम साहू नामक एक स्थानीय बुजुर्ग अचानक गांव के पास स्थित एक विशालकाय हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गया। मकान तोड़े जाने से दुखी बुजुर्ग ने टावर के शीर्ष पर पहुंचकर खुद को भारी नुकसान पहुंचाने की गंभीर चेतावनी देनी शुरू कर दी। इस HighTension Tower Standoff (हाईटेंशन टावर गतिरोध) की खबर मिलते ही समूचे प्रशासनिक अमले और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
बुलडोजर एक्शन के बाद आशियाना हुआ जमींदोज (Encroachment Demolition Dispute)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सारागांव में लंबे समय से सरकारी जमीन पर बने निर्माणों को लेकर एक Encroachment Demolition Dispute (अतिक्रमण ढहाने का विवाद) चल रहा था। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी (JCB) और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची थी। प्रशासन ने ईयाराम साहू के मकान को अवैध अतिक्रमण बताते हुए जमींदोज कर दिया।
पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पूरा परिवार भीषण गर्मी के इस दौर में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। इसी Displaced Family Agony (विस्थापित परिवार की पीड़ा) और सदमे को बर्दाश्त न कर पाने के कारण बुजुर्ग ईयाराम साहू ने यह आत्मघाती और अप्रत्याशित कदम उठा लिया।
घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, छावनी में बदला इलाका (Law Enforcement Rescue)
बुजुर्ग को टावर पर चढ़ा देख आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ वहां जमा हो गई। स्थिति की गंभीरता और जान के खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। बिजली विभाग को सूचित कर तत्काल प्रभाव से उस हाईटेंशन लाइन की विद्युत आपूर्ति (सप्लाई) बंद कराई गई।
मौके पर मौजूद तहसीलदार, पटवारी और पुसिल के वरिष्ठ अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से बुजुर्ग से लगातार संवाद स्थापित करने की कोशिश की। घंटों चले इस तनावपूर्ण माहौल के बाद, आखिरकार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस की संयुक्त Law Enforcement Rescue (कानून प्रवर्तन बचाव) टीम ने बुजुर्ग को समझा-बुझाकर और उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन देकर सुरक्षित नीचे उतारा, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
राजस्व विभाग ने दी सफाई (Revenue Department Protocol)
इस पूरे विवाद और हंगामे को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यह कोई दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई नहीं थी। प्रशासन ने इस बेदखली को पूरी तरह से Revenue Department Protocol (राजस्व विभाग प्रोटोकॉल) के तहत नियमानुसार और पूर्व सूचना देने के बाद ही अंजाम दिया था। बहरहाल, बुजुर्ग के सुरक्षित नीचे उतरने के बाद क्षेत्र का तनाव तो शांत हो गया है, लेकिन बेघर हुए परिवार के पुनर्वास को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में अब भी भारी असंतोष व्याप्त है।




