जांजगीर-चांपा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़, गतिशील और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय पांडेय ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक व्यापक Law Enforcement Realignment (कानून प्रवर्तन पुनर्गठन) करते हुए बड़े स्तर पर पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके साथ ही, जिले के विभिन्न नदी तटीय अंचलों में लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए एक विशेष AntiIllegal Mining Taskforce (अवैध खनन रोधी कार्यबल) का भी गठन किया है।
निरीक्षकों के प्रभार में बदलाव, कई अधिकारी बदले (Police Personnel Redeployment)
एसपी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक Administrative Transfer Mandate (प्रशासनिक स्थानांतरण आदेश) के अनुसार, लंबे समय से नवागढ़ थाने की कमान संभाल रहे निरीक्षक कमलेश कुमार शेण्डे को वहां से हटा दिया गया है। उन्हें आगामी आदेश तक रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) जांजगीर भेजा गया है।
वहीं, जिले की यातायात व्यवस्था को संभाल रहे यातायात शाखा के अनुभवी निरीक्षक मणीकांत पाण्डेय को अब नवागढ़ थाना प्रभारी की नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, थानों के आंतरिक ऊतरदायित्वों को संतुलित करने के लिए सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) सियाराम यादव का भी तबादला थाना नवागढ़ से थाना बम्हनीडीह किया गया है। माना जा रहा है कि इस Police Personnel Redeployment (पुलिस कर्मी पुनर्नियोजन) से ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग को एक नई दिशा मिलेगी।
रेत माफियाओं के खिलाफ विशेष रणनीति (AntiIllegal Mining Taskforce)
जांजगीर-चांपा जिला शुरू से ही रेत के अवैध कारोबार को लेकर संवेदनशील रहा है। इसी के मद्देनजर, एसपी विजय पांडेय ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए जिले में “Illegal Mining Task Force” का गठन किया है। यह विशेष टास्क फोर्स राजस्व और खनिज विभाग के समन्वय के साथ काम करेगी और जिले के भीतर बिना अनुमति या रॉयल्टी चोरी कर चल रहे अवैध रेत खदानों पर सीधी छापेमारी करेगी। इस District Security Restructuring (जिला सुरक्षा पुनर्गठन) के तहत सभी थाना प्रभारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध परिवहन में लगे वाहनों (हाइवा और ट्रैक्टरों) को तुरंत जब्त कर कड़ी दंडात्मक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने और जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए यह फेरबदल किया गया है। आने वाले दिनों में कुछ और क्षेत्रों में भी ऐसे प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।








