MP NEWS:इंदौर में लगातार गहराते पानी संकट को लेकर अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। शहर के वार्ड 65 और 66 में कई दिनों से पानी सप्लाई बाधित होने से परेशान रहवासियों और कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग जूनी इंदौर थाने पहुंचे और “गुमशुदा पानी” की FIR दर्ज करने की मांग को लेकर थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
MP NEWS:प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इलाके में पिछले कई दिनों से नलों और पानी की टंकियों से पानी पूरी तरह गायब है। भीषण गर्मी के बीच लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हालत यह है कि आम नागरिकों को घरेलू उपयोग और पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जहां उन्हें जरूरत से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
MP NEWS:कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही और अव्यवस्थित जल प्रबंधन के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता को नियमित पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, लेकिन इसके बावजूद पानी के बिल लगातार वसूले जा रहे हैं। नेताओं ने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए निगम प्रशासन पर सवाल खड़े किए।
MP NEWS:रहवासियों ने बताया कि सुबह से लेकर देर रात तक लोग पानी आने की उम्मीद में नलों के पास इंतजार करते रहते हैं, लेकिन सप्लाई नहीं हो रही। कई परिवारों को दूर-दराज इलाकों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
MP NEWS:प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि शहर में उत्पन्न जल संकट की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और पानी सप्लाई व्यवस्था बिगाड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल नियमित जल आपूर्ति शुरू करने की मांग भी की गई।
MP NEWS:थाने पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से “लापता पानी” की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, जिसने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया। लोगों का कहना है कि जब पानी ही नहीं मिल रहा, तो इसकी गुमशुदगी दर्ज होना चाहिए। इस अनोखे प्रदर्शन ने शहर में जल संकट के मुद्दे को और ज्यादा गर्मा दिया है।
MP NEWS:फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले पर कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लगातार बढ़ते विरोध और जनता की नाराजगी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









