मुंबई। Malegaon Blast Case : मालेगांव बम विस्फोट केस में 17 साल बाद बड़ी राहत देते हुए NIA की विशेष अदालत ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा और यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।
Malegaon Blast Case : फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भावुक हो उठीं। कोर्ट परिसर में उन्होंने कहा, “मेरे ऊपर झूठे हिंदू आतंकवाद का ठप्पा लगाने की साजिश की गई। मुझे 13 दिन तक यातनाएं दी गईं, मानसिक और शारीरिक यातना दी गई। 17 साल से मैं इस अन्याय के खिलाफ लड़ रही थी। आज न्याय की जीत हुई है।”
Malegaon Blast Case
उनके साथ आरोपी रहे कर्नल पुरोहित ने भी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जांच एजेंसियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में आकर कानून का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने फर्जी सबूत गढ़कर उन्हें फंसाया, लेकिन सच्चाई के आगे झूठ टिक नहीं पाया।
कोर्ट के बाहर बचाव पक्ष के वकीलों और समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत किया। फूल-माला पहनाकर जश्न मनाया गया और ‘सत्यमेव जयते’ के नारे लगे।
यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। विपक्ष और सत्ता पक्ष में इस फैसले पर बयानबाजी शुरू हो गई है। जहां एक ओर BJP इसे ‘सत्य की जीत’ बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की विफलता करार दिया है।











