Indore Nagar Nigam News: इंदौर नगर निगम ने इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट को अनिवार्य बनाने का बड़ा फैसला लिया है। अब निगम की किसी भी गाड़ी की चाबी ड्राइवर को देने से पहले उसकी अल्कोहल जांच की जाएगी। यदि जांच में शराब पीने की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारी को वाहन नहीं दिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले कुछ समय से निगम के कुछ वाहन चालकों के नशे की हालत में वाहन चलाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना को कम करना है।
चाबी देने से पहले होगी अल्कोहल जांच
नई व्यवस्था के अनुसार हर दिन ड्यूटी शुरू होने से पहले सभी ड्राइवरों का इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही वाहन की चाबी सौंपी जाएगी। यदि कोई चालक शराब के प्रभाव में पाया जाता है तो उसे ड्यूटी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
करीब 2500 ड्राइवरों की होगी रोज जांच
नगर निगम के आदेश के मुताबिक शहर के सभी जोन में प्रतिदिन जांच अभियान चलाया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत लगभग 1400 निगम वाहनों और करीब 2500 ड्राइवरों का इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा। अधिकारियों को नियमित निगरानी और रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में शराब की पुष्टि होने पर संबंधित चालक को वाहन नहीं मिलेगा। इसके साथ ही विभागीय नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
नगर निगम का मानना है कि इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट लागू होने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। निगम के वाहन पूरे शहर में सफाई, पानी, कचरा प्रबंधन और अन्य जरूरी सेवाओं में लगे रहते हैं। ऐसे में सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
रोजाना होगी निगरानी
अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था केवल एक दिन या विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। सभी जोन में नियमित रूप से इंदौर नगर निगम ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा ताकि शराब पीकर वाहन चलाने जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। निगम का मानना है कि इससे अनुशासन बढ़ेगा और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा।







