Gwalior Cyber Fraud: पॉश इलाके में किराए का डुप्लेक्स बना सट्टे का अड्डा, 100 करोड़ का ऑनलाइन नेटवर्क बेनकाब; 5 गिरफ्तार

Anuj Nirala

[nishaanebaz.com] Gwalior Cyber Fraud: ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के पॉश विंडसर हिल्स इलाके में किराए के डुप्लेक्स से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इसी मकान को ऑफिस की तरह इस्तेमाल कर रहे थे और यहां से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का कारोबार हर महीने करोड़ों रुपये के लेनदेन तक पहुंचा हुआ था। पूछताछ में आरोपियों द्वारा हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस हिसाब से सालाना लेनदेन करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। जांच में नेटवर्क के तार दुबई और श्रीलंका से जुड़े होने के सुराग भी मिले हैं।

आम लोगों की सूचना से खुला सट्टे के नेटवर्क का राज

साइबर क्राइम विंग को विंडसर हिल्स स्थित एक डुप्लेक्स में संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की निगरानी शुरू की और पर्याप्त जानकारी जुटाने के बाद डुप्लेक्स पर कार्रवाई की।

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पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान की तलाशी ली तो वहां पांच युवक मौजूद मिले। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी एक साथ किराए के मकान में रह रहे थे और उसी जगह को ऑनलाइन गतिविधियों के लिए ऑफिस के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।

23 मोबाइल, 37 सिम और 11 ATM कार्ड बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप और 6 बैंक पासबुक मिली हैं।इन उपकरणों और दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की पूरी जानकारी सामने आ सके।

100 पैनल वेबसाइट से ऑनलाइन सट्टा खिलाने का आरोप

एएसपी सुजावल जग्गा के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ‘100 पैनल’ नाम की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। इसके साथ ही ऑनलाइन गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी गतिविधियों की भी जानकारी सामने आई है।पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों से संबंधित जानकारी मिली है। अब इन खातों का विवरण संबंधित बैंकों से जुटाया जा रहा है। बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम किन खातों में पहुंचती थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

दुबई और श्रीलंका से जुड़े तार, जांच का दायरा बढ़ा

जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के सुराग भी मिले हैं। आरोपियों के संपर्क और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर दुबई और श्रीलंका से जुड़े लिंक की जांच की जा रही है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशों से इस नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका किस स्तर तक थी। तकनीकी जांच और बैंकिंग डेटा के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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जल्दी पैसा कमाने के लिए खड़ा किया नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में चार ग्वालियर और एक दतिया जिले का रहने वाला है। सभी की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने जल्दी पैसा कमाने की चाह में ऑनलाइन सट्टा और बैंक खातों से जुड़ा यह नेटवर्क तैयार किया था।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ डुप्लेक्स के मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मकान किस उद्देश्य से किराए पर लिया गया था और क्या मकान मालिक को वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी थी।फिलहाल साइबर क्राइम विंग की जांच बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पर केंद्रित है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और करोड़ों रुपये के लेनदेन की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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