[nishaanebaz.com] Indore News: इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर की बदहाल यातायात व्यवस्था, खराब सड़कों और लंबे समय से अटके मास्टर प्लान को लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर शहर की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीन महीने की समय सीमा तय की है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में इंदौर के मास्टर प्लान को लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस 50 हजार इंदौरियों के साथ भोपाल कूच करेगी।
पटवारी ने कहा कि इंदौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी है और लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद शहर के विकास की भविष्य की जरूरतों को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान जनता से कई वादे किए गए, लेकिन उनमें से कई वादे अब भी पूरे नहीं हुए हैं।
ट्रैफिक जाम और सड़कों की हालत पर सरकार को घेरा
मीडिया से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने इंदौर की यातायात व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है और कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को रोजाना जाम का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने ऊबड़-खाबड़ और खराब सड़कों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहर के विकास की तस्वीर केवल बड़े प्रोजेक्ट और घोषणाओं से नहीं बदलेगी। आम लोगों को बेहतर सड़क, सुगम यातायात और व्यवस्थित शहर की जरूरत है।
पटवारी ने ट्रैफिक जाम के कारण होने वाली परेशानियों और कथित हादसों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि यातायात व्यवस्था के कारण लोगों की जान जा रही है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
भू-माफियाओं के संरक्षण का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का गंभीर आरोप भी लगाया। पटवारी का कहना है कि लंबे समय से जारी कथित संरक्षण का असर अब शहर की प्लानिंग और विकास व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि अव्यवस्थित निर्माण और बिना समुचित प्लानिंग के विकास के कारण शहर पर दबाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर सरकार या संबंधित प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
मास्टर प्लान को लेकर सरकार को तीन महीने का समय
जीतू पटवारी ने इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर सरकार को तीन महीने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मास्टर प्लान को जल्द लागू करना जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले तीन महीने में सरकार ने इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस जनता के साथ सड़क पर उतरेगी। पटवारी ने कहा कि इस आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और 50 हजार इंदौरियों को साथ लेकर भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की जाएगी।
‘उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन’ नामकरण पर भी जताई आपत्ति
पटवारी ने ‘उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन’ नामकरण को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इंदौर की अपनी पहचान और विकास की जरूरतें हैं, इसलिए शहर की योजना और प्रशासनिक व्यवस्था तय करते समय स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि केवल नाम बदलने या नई घोषणाएं करने से शहर की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। इसके लिए ट्रैफिक, सड़क, आवास, जमीन और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर ठोस योजना बनानी होगी।
तीन महीने बाद क्या होगा, सरकार के रुख पर नजर
जीतू पटवारी की इस चेतावनी के बाद अब सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी। यदि तीन महीने के भीतर मास्टर प्लान और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस के आंदोलन का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा रूप ले सकता है।फिलहाल पटवारी के 50 हजार इंदौरियों के साथ भोपाल कूच के ऐलान ने इंदौर के मास्टर प्लान और ट्रैफिक व्यवस्था को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।







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