Landslide : नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। कठुआ जिले के घाटी गांव और आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना किश्तवाड़ जिले में हुई एक और त्रासदी के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जहां 60 लोगों की जान चली गई थी।
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भूस्खलन से एक परिवार दबा, बचाव अभियान जारी
रविवार तड़के घाटी के पास जुथाना जोड़ में एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसके मलबे में एक पूरे परिवार के दबे होने की आशंका है। इसी दौरान, राजबाग क्षेत्र के घाटी गांव और दो अन्य स्थानों पर भी अचानक बाढ़ आ गई, जिससे गांव तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया।
पुलिस इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया, “ये घटनाएं सुबह 3.30 से 4 बजे के बीच हुईं। हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है।”
पुलिस और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने चार शवों को निकालने और छह घायलों को बचाने की पुष्टि की है।
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शहर में भी जलभराव की स्थिति
बाढ़ का पानी औद्योगिक क्षेत्र, केंद्रीय विद्यालय परिसर, पुलिस स्टेशन और रेलवे ट्रैक में भी घुस गया है। जिला पुलिस प्रमुख शोभित सक्सेना ने बताया कि यह “बादल फटने की घटना नहीं, बल्कि अचानक आई बाढ़” थी। उन्होंने सेना को भी सूचित कर दिया है, जो किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बादल फटना एक घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश होती है। हालांकि, कठुआ की घटना को अभी तकनीकी रूप से बादल फटना घोषित नहीं किया गया है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि नागरिक प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बल राहत कार्यों में लगे हुए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कठुआ के अलावा, बागड़, चांगडा और दिलवान-हुतली में भी भूस्खलन की सूचना है, हालांकि वहां किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।













