Kushabhau Thakre University: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और लंबे समय से लंबित छात्र समस्याओं को लेकर छात्र राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रायपुर महानगर द्वारा आगामी 2 जून को विश्वविद्यालय परिसर में एक विशाल और उग्र प्रदर्शन करने का एलान किया गया है। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
बर्खास्त प्रोफेसर को पिछले दरवाजे से प्रवेश देने का गंभीर आरोप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए एक बेहद संवेदनशील आरोप लगाया है। परिषद का कहना है कि देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा पूर्व में बर्खास्त किए जा चुके एक प्रोफेसर को विश्वविद्यालय प्रशासन पिछले दरवाजे (बैक डोर एंट्री) से अवैध रूप से पुनः प्रवेश देने और उपकृत करने की तैयारी कर रहा है। अभाविप ने दो टूक शब्दों में कहा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर की जा रही इस अवैध प्रक्रिया को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
7 करोड़ का ऑडिटोरियम और बंद पड़ा मीडिया स्टूडियो जांच के दायरे में
वित्तीय गड़बड़ियों को उजागर करते हुए छात्र संगठन ने बताया कि परिसर में लगभग 7 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से निर्मित किए गए नए ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य में तकनीकी और आर्थिक स्तर पर गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर तैयार किया गया अत्याधुनिक मीडिया स्टूडियो पिछले एक वर्ष से ताले में बंद पड़ा है। स्टूडियो के बंद होने से पत्रकारिता के छात्रों को व्यावहारिक अनुभव नहीं मिल पा रहा है, जो उनके करियर के साथ सीधे तौर पर अन्याय है।
परीक्षा के दौरान दो-दिन तक गुल रही बिजली, हॉस्टलों की हालत दयनीय
विश्वविद्यालय में व्याप्त बुनियादी अव्यवस्थाओं को रेखांकित करते हुए अभाविप ने कहा कि प्रशासनिक रीढ़ पूरी तरह टूट चुकी है। हाल ही में संपन्न हुई परीक्षाओं के दौरान लगातार 2-2 दिनों तक बिजली बाधित रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच विद्यार्थियों को अंधकार और उमस में बैठकर परीक्षा देने के लिए विवश होना पड़ा। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के छात्र और छात्रा छात्रावासों (हॉस्टल्स) की स्थिति अत्यंत दयनीय और जर्जर हो चुकी है, जहाँ बुनियादी साफ-सफाई और पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है।
अभाविप रायपुर महानगर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि इन तमाम जनहित और छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर यदि कल विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया, तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल, कल होने वाले इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।









