Kanker Naxal Surrender : कांकेर, छत्तीसगढ़ : नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में जारी पुलिस के अभियान को कांकेर जिले में एक बड़ी सफलता मिली है। यहाँ सक्रिय रहे 21 नक्सलियों ने बुधवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।
Kanker Naxal Surrender : इस दौरान जंगलवार कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का रेड कारपेट बिछाकर भव्य स्वागत किया गया। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने स्वयं नक्सलियों को संविधान की प्रति भेंट कर शांतिपूर्ण जीवन में उनका स्वागत किया।
मुठभेड़ नहीं, आत्मसमर्पण प्राथमिकता
हाल के दिनों में बस्तर पुलिस ने अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब मुठभेड़ की जगह आत्मसमर्पण को प्राथमिकता दी जा रही है। आईजी सुंदरराज ने स्पष्ट संदेश दिया था कि समाज की मुख्यधारा में लौटने वालों का स्वागत है, अन्यथा सुरक्षा बल कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बड़ी सफलता: कांकेर में दो एरिया कमेटियों के 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे हैं।
तेजी से घटती ताकत: आईजी ने खुलासा किया कि एक समय नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य थे, जो अब घटकर केवल 6 से 7 रह गए हैं।
हालिया मिसाल: इसी माह जगदलपुर में भी 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था।
आईजी पी. सुंदरराज ने एक बार फिर दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे नक्सलियों से अपील की है कि वे आत्मसमर्पण कर शांति का रास्ता चुनें, वरना उन्हें सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।











