Friday, August 28, 2026
Home National बुरे फंसे अविमुक्तेश्वरानंद! मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग बटुकों से यौन शोषण की...

बुरे फंसे अविमुक्तेश्वरानंद! मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग बटुकों से यौन शोषण की पुष्टि

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज POCSO मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज केस में दो नाबालिगों के मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण के संकेत मिलने की बात कही जा रही है। इस रिपोर्ट को अब केस डायरी में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई और ट्रायल के बाद ही तय होगा।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी FIR

यह मामला एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ था। झूंसी पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की है।

जांच के दौरान दो अन्य नाम—अरविंद मिश्रा और प्रकाश उपाध्याय—भी सामने आए हैं। आरोप है कि माघ मेले के दौरान दो बटुकों के साथ कथित यौन शोषण हुआ।

Read More : मनी-लॉन्ड्रिंग केस में आखिरकार ED के सामने पेश हुए अनिल अंबानी, 40 हजार करोड़ का है बैंक कर्ज, आलिशान बंगला भी हुआ कुर्क

हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत पर सुनवाई

गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। 27 फरवरी 2026 को जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की पीठ में इस पर सुनवाई होनी है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत में बहस अहम होगी। यदि अग्रिम जमानत खारिज होती है, तो पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।

शिकायतकर्ता के दावे

मुख्य शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उनके पास कथित घटनाओं से जुड़े फोटो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।

आरोपी का पक्ष

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘साजिश’ बताया है। उनका कहना है कि वे जांच में सहयोग करेंगे, लेकिन निष्पक्ष जांच के लिए दूसरे राज्य की एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

आगे क्या?

अब सबकी नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर हैं। अदालत का फैसला इस पूरे Avimukteshwaranand POCSO Case की दिशा तय करेगा। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here