सिंगरौली। जिले में पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। चितरंगी पुलिस ने हाल ही में वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम भारती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उन पर धारा 307 (हत्या के प्रयास) सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पत्नी पहुँची डीजीपी कार्यालय
गिरफ्तारी से आहत राधेश्याम भारती की पत्नी भोपाल स्थित डीजीपी कार्यालय पहुँचीं और ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि उनके पति को स्थानीय स्तर पर दबाव और व्यक्तिगत रंजिश के चलते साजिश के तहत फंसाया गया है।
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पत्रकार संगठनों में आक्रोश
स्थानीय पत्रकारों ने इस प्रकरण को लोकतंत्र और पत्रकारिता की आज़ादी पर हमला करार दिया है। पत्रकार श्री शर्मा ने साफ कहा—
“जरूरत पड़ी तो मैं हर हाल में साथ खड़ा रहूंगा। पत्रकारिता की आवाज़ दबाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पत्रकार जगत का कहना है कि जिस घटना का आरोप लगाया गया, उस समय भारती मौके पर मौजूद ही नहीं थे। ऐसे में हत्या के प्रयास जैसी संगीन धारा लगाना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। क्या यह कार्रवाई बिना पर्याप्त साक्ष्य के दबाव में की गई?
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आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम ने पत्रकार संगठनों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। उनका कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल सबकी निगाहें प्रशासन और डीजीपी कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं।










