भोपाल : भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी विपिन पटेल का इस्तीफा वन विभाग और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। अपने त्यागपत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रशासनिक दबाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार कार्य करने के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
विनियर मशीन NOC विवाद से जुड़ा मामला
सूत्रों के अनुसार विवाद एक निजी विनियर मशीन को अनुमति देने से संबंधित है। संबंधित क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध NOC जारी करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे अधिकारी ने वन संरक्षण अधिनियम और पर्यावरणीय प्रावधानों का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कथित रूप से उन्हें नोटिस, स्पष्टीकरण और लगातार प्रशासनिक पत्राचार के जरिए दबाव में रखा गया।
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वेतन विवाद और बढ़ता मानसिक दबाव
इस्तीफे में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके वैधानिक वेतन और भत्तों के भुगतान में बाधाएं उत्पन्न की गईं। फाइलों में देरी, आपत्तियों और प्रशासनिक अड़चनों ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। अधिकारी का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव के कारण उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची और निष्पक्ष रूप से कार्य करना कठिन हो गया।
वन विभाग में हलचल, संगठनों की प्रतिक्रिया
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अधिकारी संघों और सेवा संगठनों के बीच इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि यह मामला ईमानदार अधिकारियों पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव की ओर संकेत करता है।
शासन के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल शासन स्तर पर इस्तीफे की स्वीकृति लंबित है। जानकारों का कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो वन विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक हस्तक्षेप से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आ सकते हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि सरकार इस प्रकरण में क्या रुख अपनाती है।









