Ajay Singh Harda Visit: हरदा। मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने हरदा दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और आगामी 2027-28 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती कार्यकर्ताओं की एकजुटता और सक्रियता पर निर्भर करती है, इसलिए सभी को मिलकर संगठन के विस्तार और जनसंपर्क पर विशेष ध्यान देना होगा।
Ajay Singh Harda Visit: शहर के एक स्थानीय होटल में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए अजय सिंह ने कहा कि हरदा प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है, जहां दोनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। ऐसे में इन सीटों को बरकरार रखना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें और जनता के बीच जाकर कांग्रेस की नीतियों एवं जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएं।
Ajay Singh Harda Visit: बैठक के दौरान अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा से उतनी चुनौती नहीं मिलती, जितनी नुकसान पार्टी की आंतरिक कमजोरियों और आपसी मतभेदों से होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुटबाजी से दूर रहकर एकजुटता के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरें तो भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
Ajay Singh Harda Visit: मीडिया से चर्चा करते हुए अजय सिंह ने कहा कि संगठन को मजबूत करने का अभियान चुनाव के समय तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसे लगातार आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर कांग्रेस आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
Ajay Singh Harda Visit: बैठक के दौरान एक सेवानिवृत्त सचिव ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, जिसका कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसे संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Ajay Singh Harda Visit: वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी भाषा और आचरण में गरिमा बनाए रखनी चाहिए। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर मर्यादित भाषा का प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां प्रदेश की राजनीतिक संस्कृति के लिए उचित नहीं हैं।









