Gwalior Road Accident : ग्वालियर/भितरवार। भिंड जिले के प्रसिद्ध दंदरौआ धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार का दिन काल बनकर आया। भितरवार क्षेत्र के जतर्थी गांव के पास एक ईको गाड़ी (MP07 CH 2866) अज्ञात ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर के बाद खंती में पलट गई। इस हृदयविदारक हादसे में 3 वर्षीय मासूम बालक हिमांशु धाकड़ की ग्वालियर में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं सहित छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे के बाद चीख-पुकार और देवदूत बने रोहित हादसा जतर्थी तिराहे के पास हुआ, जब तेज रफ्तार अज्ञात ट्रैक्टर ने ईको गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सड़क किनारे गहरी खंती में जा गिरी। मौके पर चीख-पुकार मच गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता रोहित सिंह कुशवाहा ने तत्परता दिखाई। एम्बुलेंस के पहुंचने का इंतजार किए बिना, रोहित ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अपनी गाड़ी में बिठाया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों का मानना है कि यदि रोहित समय पर घायलों को अस्पताल नहीं लाते, तो मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता था।
मासूम ने तोड़ा दम, घायलों का इलाज जारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल हिमांशु धाकड़, दिव्या रजक और वृंदा बाथम को ग्वालियर रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, नन्हे हिमांशु ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य घायलों में बीनू धाकड़, विनय धाकड़, गिरिशा बघेल और रामबाबू बघेल शामिल हैं, जिनका उपचार शासकीय अस्पताल में जारी है। भितरवार एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
अवैध सवारी वाहनों पर उठे सवाल इस हादसे ने क्षेत्र में बिना परमिट और क्षमता से अधिक सवारियां भरकर दौड़ने वाले वाहनों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि डबरा, भितरवार और ग्वालियर मार्ग पर प्रतिदिन दर्जनों निजी वाहन बिना टूरिस्ट परमिट के संचालित हो रहे हैं। कई वाहनों में असुरक्षित एलपीजी और सीएनजी किट लगाकर यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर मूकदर्शक बना हुआ है।









