Operation Clean Hunt: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत घरघोड़ा पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी दर्शन प्रसाद चौहान (22 वर्ष) को पत्थलगांव में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में मुख्य तस्करों के दो साथियों को पुलिस ने अप्रैल महीने में ही गिरफ्तार कर लिया था।
अप्रैल माह में नाकेबंदी के दौरान पकड़े गए थे दो तस्कर
यह पूरा मामला बीते अप्रैल महीने का है, जब थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर लैलूंगा रोड पर थाना के सामने मजबूत नाकेबंदी की थी। इस दौरान पुलिस ने एक मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 14 ML 1015) पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोका था। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम विजय सिदार (निवासी चांदमारी, रायगढ़) और शिवव्रत सिदार (निवासी गोढ़ीकला, पत्थलगांव) बताया था। पुलिस ने जब उनके पास मौजूद बैग की सघन तलाशी ली, तो उसमें से करीब 1 लाख 75 हजार रुपए मूल्य का कुल 3.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ था।
अदालत ने भेजा था जेल, ‘सुदर्शन’ नाम से मिला सुराग
पुलिस ने तत्कालीन कार्रवाई में अवैध गांजे के साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन को ज़ब्त कर लिया था। थाना घरघोड़ा में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 127/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। पुलिस रिमांड और पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कबूला था कि उन्होंने इस गांजे की खेप को मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करके “सुदर्शन” नामक एक अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था। इसके बाद से ही पुलिस असली सप्लायर की खोजबीन में जुट गई थी।
तकनीकी जांच और ट्रूकॉलर डेटा से पकड़ी गई चोरी
एसएसपी के सख्त निर्देश थे कि इस मामले में केवल माल पकड़ने तक सीमित न रहकर इसके अंतिम छोर (एंड-टू-एंड) तक कार्रवाई की जाए। इसी निर्देश के तहत घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबर का उपयोग करने वाले असली व्यक्ति की पहचान दर्शन प्रसाद चौहान (निवासी पतराटोली, पत्थलगांव) के रूप में हुई। पुलिस लगातार उस पर नज़र रखे हुए थी और जैसे ही पुख्ता लोकेशन मिली, पुलिस टीम ने पत्थलगांव में अचानक छापा मारकर उसे हिरासत में ले लिया।
डंपर चलाने के दौरान हुई थी दोस्ती, पुलिस टीम की सराहना
कड़ी पूछताछ में आरोपी दर्शन प्रसाद चौहान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल नंबर पर ट्रूकॉलर ऐप में “सुदर्शन” नाम ही दिखाई देता है। उसने यह भी स्वीकार किया कि डंपर चलाने के दौरान उसकी मुलाकात गोढ़ीकला निवासी शिवव्रत उर्फ शिवा सिदार से हुई थी। दोनों की दोस्ती जब गहरी हुई, तो शिवव्रत की मांग पर उसने 3.5 किलोग्राम गांजे का इंतजाम कर उसे सप्लाई किया था। इस अंधेरे नेटवर्क को बेनकाब करने में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव, एएसआई नरेंद्र सिदार और समस्त थाना स्टाफ की भूमिका बेहद सराहनीय रही।









