इंदौर: शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से शादी का एक कथित निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस फर्जी कार्ड में 24 फरवरी 2026 की तारीख अंकित थी और लोगों को एक लिंक के माध्यम से आमंत्रित किया जा रहा था।
सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचना
वायरल निमंत्रण पत्र के सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। कई लोगों ने इसे वास्तविक मानते हुए बधाइयां भी देना शुरू कर दिया। हालांकि कुछ ही समय बाद यह स्पष्ट हो गया कि पूरा मामला फर्जी है और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना फैलाने की कोशिश की गई है।

मोबाइल और अकाउंट हैक
सदाशिव यादव को जैसे ही इस वायरल कार्ड की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल फोन या सोशल मीडिया अकाउंट हैक किया गया है और उसी के जरिए यह फर्जी निमंत्रण प्रसारित किया गया। उन्होंने रिश्तेदारों, मित्रों और समर्थकों से अपील की कि वे इस कार्ड पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें।
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पुलिस में शिकायत, साइबर जांच शुरू
नेता द्वारा मामले की शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस और साइबर सेल अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह फर्जी निमंत्रण किसने तैयार किया और इसके पीछे क्या मकसद था। प्रारंभिक तौर पर इसे किसी की छवि खराब करने या साइबर फ्रॉड की कोशिश माना जा रहा है।
सतर्क रहने की जरूरत
यह घटना सोशल मीडिया पर बढ़ते फर्जीवाड़े और साइबर अपराध के खतरों को एक बार फिर उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि व्यक्तिगत जानकारी और वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।













