Thursday, September 10, 2026
Home Madhya Pradesh Burhanpur RTO Negligence : बुरहानपुर: यात्रियों की जान से खिलवाड़; अनफिट और...

Burhanpur RTO Negligence : बुरहानपुर: यात्रियों की जान से खिलवाड़; अनफिट और बिना परमिट की बसें बनीं ‘यमराज’, प्रशासन को बड़े हादसे का इंतजार?

Burhanpur RTO Negligence : बुरहानपुर। जिला मुख्यालय के पुष्पक बस स्टैंड से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन यहाँ से संचालित होने वाली कई बसें अब यात्रियों के लिए ‘सफर’ नहीं बल्कि ‘जोखिम’ बन चुकी हैं। बस संचालकों की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते जिले में बिना परमिट और अनफिट बसों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। सवाल यह उठता है कि यदि सड़क पर दौड़ती इन ‘खटारा’ बसों के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?

ग्रामीण क्षेत्रों में फैला ‘अवैध’ बसों का जाल बुरहानपुर से नेपानगर, फोपनार, चिल्लारा, शाहपुर और इच्छापुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चलने वाली अधिकांश बसें नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही हैं। ताज्जुब की बात यह है कि वर्तमान में जिला प्रशासन ‘सड़क सुरक्षा सप्ताह’ मना रहा है, लेकिन बस मालिकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

प्रभारी के भरोसे विभाग, बाबुओं का राज जिले का आरटीओ विभाग लंबे समय से प्रभारी के भरोसे चल रहा है। विभाग में किसी जिम्मेदार अधिकारी के न होने का फायदा बस संचालक उठा रहे हैं। विभागीय कार्रवाई केवल कागजों और बाबुओं के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई है। वहीं, यातायात विभाग केवल चालान काटने को ही अपनी अंतिम उपलब्धि मान रहा है। ठोस कार्रवाई के अभाव में ये बसें चालान कटवाने के अगले ही पल फिर से सड़क पर यात्रियों को ढोने लगती हैं।

जिम्मेदारों का पल्ला झाड़ू रवैया यातायात सूबेदार राजेश बारवाल का कहना है कि वे समय-समय पर चालानी कार्रवाई करते हैं और आरटीओ के साथ संयुक्त अभियान चलाते हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जब आरटीओ विभाग खुद पंगु बना हुआ है, तो संयुक्त कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही हो रही है। जनता का आरोप है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद जाँच और मुआवजे का पुराना खेल फिर से शुरू किया जा सके।

अब देखना होगा कि जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इन अनफिट वाहनों को सड़कों से हटाते हैं या फिर बुरहानपुर की जनता यूँ ही अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर रहेगी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here