नई दिल्ली : अमेरिका के कुख्यात जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़े मामले में आज अब तक का सबसे बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। जैसे ही एपस्टीन से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक होंगी, इस हाई-प्रोफाइल स्कैंडल में शामिल कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। इन फाइलों में हजारों पन्नों के दस्तावेज, करीब 95 हजार तस्वीरें और बैंक रिकॉर्ड्स शामिल बताए जा रहे हैं।
68 नई तस्वीरें जारी, चर्चित नामों की मौजूदगी
गुरुवार देर रात अमेरिकी संसद की हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट सांसदों ने स्कैंडल से जुड़ी 68 नई तस्वीरें जारी कीं। इन तस्वीरों में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स, गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन, मशहूर फिल्ममेकर वुडी एलन, दार्शनिक नोम चॉम्स्की और डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन जैसी चर्चित हस्तियां नजर आई हैं।
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फाइलों में क्या-क्या हो सकता है उजागर
फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिकी सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि किन हिस्सों को ब्लैकआउट किया गया है और इसके पीछे क्या कारण हैं। साथ ही यह भी बताना जरूरी होगा कि कौन-सी सामग्री जनता के लिए जारी की गई और किन दस्तावेजों को रोका गया।
इसके अलावा उन सभी सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की सूची सार्वजनिक करनी होगी, जिनका नाम या संदर्भ इन फाइलों में दर्ज है। यह पूरी प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जानी अनिवार्य है।
अब तक क्या-क्या सामने आ चुका है
पिछले दो दशकों में एपस्टीन मामले से जुड़े कई दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक हो चुके हैं। इनमें गिस्लीन मैक्सवेल का 2021 का ट्रायल, अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की रिपोर्ट्स और कई दीवानी मुकदमों के कागजात शामिल हैं।
हाल ही में FBI और जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी कुछ फाइलों को लेकर आलोचना भी हुई थी, क्योंकि उनमें अधिकतर जानकारियां पहले से सार्वजनिक थीं।
एपस्टीन केस की पृष्ठभूमि
इस मामले की शुरुआत 2005 में फ्लोरिडा से हुई, जब एक 14 वर्षीय लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि एपस्टीन ने नाबालिग लड़कियों को ‘मसाज’ के बहाने बुलाकर यौन शोषण किया।जांच आगे बढ़ने पर करीब 50 नाबालिग पीड़ितों के बयान सामने आए। एपस्टीन के मैनहट्टन और पाम बीच स्थित आलीशान विला, निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’, और हाई-प्रोफाइल पार्टियों ने इस केस को और सनसनीखेज बना दिया।इसके बावजूद रसूख के चलते 2008 में उसे केवल 13 महीने की सजा मिली, जिसने अमेरिकी न्याय प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।











