Saturday, August 15, 2026
Home Chhattisgarh CG News : 1,000 करोड़ की सरकारी जमीन पर मिशन अस्पताल का...

CG News : 1,000 करोड़ की सरकारी जमीन पर मिशन अस्पताल का अवैध कब्जा, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर प्रशासन की कार्रवाई को दी मंजूरी

0
79
@nishaanebaz.com
@nishaanebaz.com

CG News : बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 1,000 करोड़ रुपये मूल्य की 11 एकड़ सरकारी जमीन पर मिशन अस्पताल द्वारा किए गए अवैध कब्जे और दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाते हुए मिशन प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी है और प्रशासन की बेदखली कार्रवाई को पूरी तरह वैध ठहराया है। अब जिला प्रशासन इस बेशकीमती जमीन को दोबारा अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया तेज कर सकता है।

क्या है पूरा मामला
मिशन अस्पताल की स्थापना वर्ष 1885 में हुई थी। 1966 में उसे बिलासपुर के चांटापारा क्षेत्र की शीट नंबर 14, प्लॉट नंबर 20/1 और 21 की करीब 11 एकड़ जमीन सेवा कार्यों के लिए लीज पर दी गई थी। यह लीज 31 मार्च 1994 को समाप्त हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने न तो लीज का नवीनीकरण कराया, न ही जमीन प्रशासन को लौटाई।
इसके उलट, अस्पताल ने इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग करते हुए करीब 92,069 वर्गफीट क्षेत्र को किराए पर देकर लाखों रुपये की आमदनी की और कुछ हिस्सों को बेच भी दिया।

कोर्ट ने क्या कहा
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति ए.के. प्रसाद की एकलपीठ ने 18 जुलाई को फैसला सुनाते हुए कहा कि- लीज का नवीनीकरण नहीं कराना और व्यावसायिक उपयोग करना गंभीर उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया। कलेक्टर और संभागीय कमिश्नर द्वारा पारित आदेश पूरी तरह वैधानिक और उचित हैं। इस आधार पर अदालत ने नितिन लारेंस और क्रिश्चियन वुमन बोर्ड ऑफ मिशन की याचिकाएं खारिज कर दीं।

कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन

  • तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण ने मामले की जांच के आदेश दिए।
  • 2024 में नजूल कोर्ट ने लीज नवीनीकरण की याचिका खारिज की।
  • कमिश्नर कोर्ट ने पावर ऑफ अटॉर्नी अमान्य कर दी।
  • हाई कोर्ट में दो बार याचिकाएं दायर की गईं, दोनों खारिज हुईं।

कोर्ट ने 24 अप्रैल 2025 को फैसला सुरक्षित रखा, जो 18 जुलाई 2025 को सुनाया गया।

प्रशासन की अगली तैयारी
हाई कोर्ट के फैसले के बाद जिला प्रशासन अब उक्त जमीन को अपने नियंत्रण में लेने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर सकता है। यह फैसला छत्तीसगढ़ में सरकारी जमीनों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा में एक प्रभावशाली उदाहरण माना जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here