Employees Federation Strike : बैकुंठपुर (कोरिया)। छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर जिला कोरिया में हड़ताल के दूसरे दिन आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित हजारों कर्मचारियों ने मंगलवार शाम शहर में एक विशाल मशाल रैली निकाली। यह रैली प्रेमाबाग प्रांगण से प्रारंभ होकर घड़ी चौक और एसडीएम ऑफिस होते हुए वापस प्रेमाबाग पहुंची, जिसमें 65 से अधिक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मशालों की रोशनी में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जायज ठहराया।
रैली को संबोधित करते हुए प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, जिला संयोजक आर.एस. चंदे और महासचिव विश्वास भगत ने संयुक्त रूप से कहा कि आज प्रदेश का पढ़ा-लिखा कर्मचारी वर्ग कलम छोड़कर मशाल उठाने को मजबूर है, इसके लिए पूरी तरह राज्य शासन जिम्मेदार है। उन्होंने ‘मोदी की गारंटी’ को याद दिलाते हुए कहा कि घोषणा पत्र में वादा किया गया था कि केंद्र के समान तिथि से ही महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा, लेकिन वर्तमान में केंद्र जहाँ 58% डीए दे रहा है, वहीं राज्य के कर्मचारियों को केवल 55% पर ही संतोष करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है फेडरेशन:
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महंगाई भत्ता और एरियर्स: पिछले 7 वर्षों से लंबित डीए के एरियर्स की राशि तत्काल जारी की जाए।
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कैशलेस चिकित्सा सुविधा: अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कैशलेस इलाज की सुविधा हो, ताकि आपात स्थिति में कर्मचारियों को कर्ज न लेना पड़े।
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अवकाश नगदीकरण: पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी अवकाश नगदीकरण की सीमा 250 से बढ़ाकर 300 दिन की जाए।
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सेवा गणना: प्रथम नियुक्ति तिथि से ही कर्मचारियों की सेवा की गणना की जाए।
हड़ताल के कारण जिले के राजस्व, वन, पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और पीएचई सहित सभी महत्वपूर्ण विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। पटवारी, पंचायत सचिव और लिपिकों के हड़ताल पर होने से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रदेश में महंगाई भत्ता हजम करने की नई प्रथा चल पड़ी है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मशाल रैली में पटवारी संघ, शिक्षक फेडरेशन, राजपत्रित अधिकारी संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन और भी तीव्र होगा। फिलहाल, कर्मचारी प्रेमाबाग में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।









