Dr. Ram Nath Kovind : रीवा। देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद शुक्रवार को रीवा पहुंचे, जहाँ उन्होंने अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन का विधिवत उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय समारोह में हिस्सा लेने के लिए देश की कई भाषाओं के सैकड़ों साहित्यकार भी रीवा में शिरकत कर रहे हैं, जिससे विंध्य क्षेत्र में साहित्यिक और सांस्कृतिक माहौल जीवंत हो उठा है।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद के रीवा आगमन पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. कोविंद का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया और साहित्यिक आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला।
Dr. Ram Nath Kovind : अखिल भारतीय साहित्य परिषद का यह राष्ट्रीय अधिवेशन रीवा के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। इस मंच पर देश भर के प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक और विचारक एक साथ जुट रहे हैं। माना जा रहा है कि यह अधिवेशन भारतीय भाषाओं के साहित्य की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर गंभीर मंथन का केंद्र बनेगा।
Dr. Ram Nath Kovind : अपने उद्घाटन भाषण में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद ने साहित्य की समाज को दिशा देने वाली भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना और संस्कृति का संरक्षक होता है। उन्होंने देशभर से आए साहित्यकारों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे अपनी रचनाओं से समाज में सकारात्मकता का संचार करेंगे।
Dr. Ram Nath Kovind : तीन दिवसीय इस समारोह के दौरान विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें संगोष्ठी, काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन, और भाषा संरक्षण पर परिचर्चाएँ शामिल हैं। इस आयोजन से रीवा को न केवल राष्ट्रीय पटल पर साहित्यिक पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लेखकों और साहित्य प्रेमियों को भी देश के बड़े साहित्यकारों से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।













