Ethanol-blended petrol: नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश में इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने ब्लेंडेड (मिश्रित) पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) को पूरी तरह से माफ कर दिया है। इसके अतिरिक्त, यह छूट विशेष रूप से ई-22, ई-25, ई-27 और ई-30 जैसे ईंधन मिश्रणों पर लागू होगी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। परिणामस्वरूप, इस छूट से घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधन को एक नई और मजबूत दिशा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
ईंधन मिश्रण का नया और सटीक गणित
वित्त मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में इन विशेष ईंधन मिश्रणों के अनुपात को पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है। इसके फलस्वरूप, इन नए मिश्रणों में क्रमशः 78%, 75%, 73% और 70% मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) शामिल होगा। इसके साथ ही, इसमें क्रमशः 22%, 25%, 27% और 30% इथेनॉल की मात्रा वॉल्यूम के हिसाब से मिलाई जाएगी। वर्तमान में भारतीय सड़कों पर दौड़ने वाले अधिकांश वाहन ई-20 पेट्रोल (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल) के अनुकूल हैं। इसलिए ई-20 पेट्रोल सभी मौजूदा फ्यूल स्टेशनों पर पहले की तरह ही निरंतर उपलब्ध रहेगा ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो।
स्टेशनों का विस्तार और भविष्य का बड़ा लक्ष्य
सरकार की योजना केवल टैक्स छूट देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह इसके बुनियादी ढांचे को भी तेजी से मजबूत कर रही है। शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे बड़े शहरों में 50 से 100 इथेनॉल ईंधन स्टेशन खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही, जिला और महानगर स्तर पर इस नेटवर्क को साल 2026 के अंत तक 500 स्टेशनों तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निश्चित रूप से, यह विस्तार देश की विदेशी तेल पर निर्भरता को कम करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
वैश्विक संकट और कीमतों पर सीधा असर
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता भारत में यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस वैश्विक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। इसके फलस्वरूप, भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले कुछ समय में 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ई-85 ईंधन पर मिलेगी भारी छूट
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां ई-85 पेट्रोल पर 20 रुपये प्रति लीटर की विशेष छूट देने की तैयारी कर रही हैं। यह भारी डिस्काउंट ई-20 पेट्रोल की तुलना में दिया जाएगा। दरअसल, ई-85 ईंधन में 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण होता है। चूंकि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल की तुलना में लगभग एक-तिहाई कम होती है, इसलिए उपभोक्ताओं को होने वाले इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने कीमत में कमी करने का यह व्यावहारिक निर्णय लिया है।









