Sunday, September 13, 2026
Home Lifestyle पीरियड्स में रखें या छोड़ दें सावन सोमवार का व्रत? जानिए क्या...

पीरियड्स में रखें या छोड़ दें सावन सोमवार का व्रत? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र

Sawan Somvar Vrat During Periods: पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत को लेकर हर साल महिलाओं के मन में कई सवाल उठते हैं। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। ऐसे में अगर व्रत के दौरान मासिक धर्म शुरू हो जाए तो क्या करना चाहिए, क्या व्रत जारी रखना चाहिए और क्या उसका पूरा फल मिलता है? इस विषय पर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं मौजूद हैं। इसलिए इस विषय को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह आस्था और परंपराओं से जुड़ा विषय है तथा अलग-अलग परिवारों और संप्रदायों में नियम अलग हो सकते हैं।

पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत की चर्चा के बीच पहले सावन की तिथियां जान लेते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और सोमवार के व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।

इस बार सावन में कितने सोमवार पड़ेंगे?
पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत से जुड़े नियम जानने से पहले यह भी जानना जरूरी है कि इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। उपलब्ध पंचांग के अनुसार सावन के सोमवार 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त, 24 अगस्त और 31 अगस्त 2026 को पड़ेंगे। (तिथियों की पुष्टि अपने स्थानीय पंचांग से भी कर लें, क्योंकि क्षेत्र के अनुसार अंतर हो सकता है।)

पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत को लेकर क्या है धार्मिक मान्यता?
पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत को लेकर कई धार्मिक परंपराओं में माना जाता है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मंदिर में प्रवेश या मूर्ति स्पर्श से परहेज करती हैं। कुछ ज्योतिषाचार्य और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यदि इस दौरान नियमित पूजा-विधि पूरी नहीं हो पाती तो उस व्रत की गणना को लेकर अलग-अलग मत हैं। वहीं कई विद्वान यह भी मानते हैं कि श्रद्धा और मन से की गई प्रार्थना भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए इस विषय में अपने परिवार की परंपरा या गुरु के मार्गदर्शन का पालन करना उचित माना जाता है।
Read more: MP News: रीवा में गरजा बुलडोजर! 250 करोड़ की सरकारी जमीन से हटे दो मैरिज गार्डन

अगर सावन में पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें?
पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत के दौरान यदि मासिक धर्म शुरू हो जाए तो कई परिवारों में महिलाएं उस दिन की औपचारिक पूजा नहीं करतीं और अगले सोमवार से व्रत जारी रखती हैं। वहीं कुछ लोग केवल मानसिक रूप से भगवान शिव का स्मरण, मंत्र जाप और प्रार्थना करने की सलाह देते हैं। यह पूरी तरह व्यक्ति की धार्मिक परंपरा और आस्था पर निर्भर करता है।

भगवान शिव का मानसिक स्मरण भी माना जाता है महत्वपूर्ण
पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत के दौरान यदि शारीरिक कारणों से पूजा संभव न हो तो भगवान शिव का ध्यान, ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का मानसिक जाप और सकारात्मक भाव बनाए रखना भी कई धार्मिक परंपराओं में महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही इस दौरान स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्याप्त आराम का ध्यान रखना भी जरूरी है।

मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है
पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत को लेकर चाहे अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हों, लेकिन यह समझना जरूरी है कि मासिक धर्म एक सामान्य और प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। इसे लेकर किसी भी प्रकार का अपराधबोध या हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। यदि स्वास्थ्य ठीक न हो तो शरीर को प्राथमिकता देना भी आवश्यक है।

पीरियड्स में सावन सोमवार व्रत को लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और विद्वानों की राय अलग हो सकती है। इसलिए किसी एक मत को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। यदि आपके परिवार में विशेष नियम प्रचलित हैं तो उनका पालन करें और आवश्यकता होने पर किसी योग्य पुरोहित या धर्मगुरु से सलाह लें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रद्धा, आस्था और स्वास्थ्य—तीनों का संतुलन बनाए रखा जाए।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here