Datia By-Election 2026: दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव का चुनाव प्रचार आज शाम निर्धारित समय के साथ थम जाएगा। प्रचार के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले कई दिनों से दोनों दलों के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और संगठन के पदाधिकारी लगातार जनसभाएं, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे रहे। अब चुनावी माहौल अपने चरम पर पहुंच चुका है और कुछ ही घंटों बाद प्रत्याशियों की किस्मत जनता के हाथों में होगी।
अंतिम दिन वोटरों को साधने की पूरी कोशिश
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने बूथ स्तर तक पहुंचकर अधिक से अधिक मतदाताओं से संपर्क साधने की रणनीति अपनाई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनसभाओं, नुक्कड़ सभाओं, पदयात्राओं और घर-घर संपर्क अभियान के जरिए मतदाताओं से समर्थन मांगा गया। शाम को प्रचार थमने के बाद प्रत्याशी केवल व्यक्तिगत संपर्क और चुनावी प्रबंधन में जुटेंगे।
कांग्रेस ने अनुभवी चेहरे घनश्याम सिंह पर लगाया दांव
Datia By-Election 2026: कांग्रेस ने इस उपचुनाव में वरिष्ठ नेता घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। घनश्याम सिंह दतिया और सेवढ़ा क्षेत्र की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं तथा कई बार विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस का मानना है कि उनके अनुभव और क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क का लाभ पार्टी को मिलेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जयवर्धन सिंह, हेमंत कटारे, पीसी शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने लगातार दतिया में चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी, स्थानीय विकास और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए मतदाताओं से समर्थन की अपील की।
भाजपा ने नए चेहरे आशुतोष तिवारी पर जताया भरोसा
Datia By-Election 2026: भारतीय जनता पार्टी ने इस बार पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट बदलकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने उन्हें युवा और ऊर्जावान नेतृत्व के रूप में प्रस्तुत करते हुए विकास और सरकार की योजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने दतिया में लगातार जनसभाएं कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। भाजपा ने प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, किसान कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को अपनी उपलब्धियों के रूप में जनता के सामने रखा।
दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव
दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। प्रचार के दौरान दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। कई बयान राजनीतिक बहस का विषय बने और कुछ मामलों की शिकायत चुनाव आयोग तक भी पहुंची।राजनीतिक विश्लेषकों की नजर भी इस सीट पर बनी हुई है, क्योंकि उपचुनाव का परिणाम आने वाले समय की प्रदेश की राजनीतिक रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है।
अब जनता करेगी अंतिम फैसला
Datia By-Election 2026: चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद अब सभी प्रत्याशियों की नजर मतदान पर होगी। 30 जुलाई को दतिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद करेंगे। इसके बाद 3 अगस्त को मतगणना के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि दतिया विधानसभा में जनता ने किस पर अपना भरोसा जताया है।
फिलहाल चुनावी शोर अपने अंतिम पड़ाव पर है और अब राजनीतिक दलों की नजर आखिरी समय तक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर टिकी हुई है। वहीं दतिया की जनता लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में अपने वोट के माध्यम से अगला जनप्रतिनिधि चुनने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रही है।






