Raipur Police NDPS Drug Disposal: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एन.डी.पी.एस. एक्ट (NDPS Act) के तहत विभिन्न थानों में दर्ज प्रकरणों में जब्त किए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थों का अदालत के स्पष्ट आदेशों, गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत विधिवत नष्टीकरण (Incineration) किया गया। इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबारियों को कड़ा संदेश दिया गया है।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
‘Raipur Police NDPS Drug Disposal’ की यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया सिलतरा स्थित जायसवाल NECO प्लांट के हाई-टेंपरेचर फर्नेस (भट्टी) में संपादित की गई। इसके लिए जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी का गठन किया गया था। नष्टीकरण के दौरान पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) मयंक गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त (उरला) पूर्णिमा लामा, आबकारी उपायुक्त डॉ. प्रवीण वर्मा और संबंधित थानों के प्रभारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूरी प्रक्रिया को पर्यावरणीय मानकों (Environmental Standards) और प्रचलित वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण पालन करते हुए अंजाम दिया गया।
160 किलो गांजा, अफीम और हजारों नशीली गोलियां-सिरप हुए खाक
‘Raipur Police NDPS Drug Disposal’ अभियान के तहत नॉर्थ जोन क्षेत्रांतर्गत दर्ज कुल 43 विभिन्न एन.डी.पी.एस. प्रकरणों की जब्त सामग्री को नष्ट किया गया। भट्टी में खाक की गई सामग्रियों का ब्योरा इस प्रकार है:
- गांजा: 160.722 किलोग्राम
- डोडा चूरा: 100 ग्राम
- अफीम: 236 ग्राम
- प्रतिबंधित नशीली टेबलेट्स: 2,734 नग
- प्रतिबंधित कफ सिरप: 503 नग
नशीले पदार्थों के री-यूज को रोकने और नशामुक्त समाज के लिए जरूरी कदम
रायपुर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, तस्करी और बिक्री के खिलाफ समानांतर रूप से कठोर कार्रवाई जारी है। थानों और मालखानों में सालों से जमा जब्तशुदा नशीले पदार्थों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से विनष्टीकरण करना बेहद जरूरी है, ताकि इनके दोबारा किसी भी तरह के अवैध इस्तेमाल या चोरी की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि राजधानी में नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ ऐसी ही जीरो-टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी।







