Bilaspur Crime: बिलासपुर। शहर के व्यापार विहार स्थित एक होम फाइनेंस कंपनी की शाखा में होम लोन की किश्तों में लाखों रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राहक द्वारा जमा की गई ईएमआई और अन्य भुगतान की पूरी राशि लोन खाते में दर्ज नहीं की गई। मामले में पुलिस ने शाखा प्रबंधक अपर्णा विश्वास और कर्मचारी नितिन निगम के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Bilaspur Crime: तोरवा थाना क्षेत्र के हेमूनगर निवासी शकील कुरैशी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में तोरवा स्थित अपनी जमीन गिरवी रखकर उन्होंने मेसर्स सेंट बैंक होम फाइनेंस लिमिटेड से 12 लाख रुपये का होम लोन लिया था। इस ऋण का भुगतान 180 मासिक किश्तों में किया जाना था और कोरोना काल से पहले तक वे नियमित रूप से किश्त जमा करते रहे।
Bilaspur Crime: शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक द्वारा 9 दिसंबर 2025 को जारी ऋण विवरण में उनके खाते में 27.58 लाख रुपये जमा होना बताया गया, जबकि उन्होंने इससे अधिक राशि का भुगतान किया था। उनका आरोप है कि कई बार नकद और डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा की गई रकम को जानबूझकर लोन खाते में दर्ज नहीं किया गया।
Bilaspur Crime: उन्होंने बताया कि 30 मार्च 2019 को 2.75 लाख रुपये नकद, 5 फरवरी 2024 को 3 लाख रुपये डिमांड ड्राफ्ट और अन्य भुगतान सहित कुल 7.35 लाख रुपये जमा किए गए थे। इनमें से केवल 2.75 लाख रुपये ही खाते में दर्ज किए गए, जबकि 4.60 लाख रुपये का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
Bilaspur Crime: शकील कुरैशी का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से इस राशि का गबन किया। उन्होंने यह भी बताया कि 8 दिसंबर 2025 तक उनके खाते में 15.97 लाख रुपये बकाया दिखाकर गिरवी रखी गई संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी की जा रही थी।
Bilaspur Crime: मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से किए जाने के बाद बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में करीब 4.60 लाख रुपये की अनियमितता सामने आने पर पुलिस ने शाखा प्रबंधक अपर्णा विश्वास और कर्मचारी नितिन निगम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Bilaspur Crime: तारबाहर थाने में भी लंबित है शिकायत
Bilaspur Crime: इसी बैंक से जुड़े एक अन्य मामले में तारबाहर थाना क्षेत्र के विनायका हाईट्स निवासी चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा ने बिल्डर राजेश सेठ और बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस मुख्यालय सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है।







