CPI Protest Singrauli : सिंगरौली: मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता और बिजली की आसमान छूती दरों के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने अपना विरोध तेज कर दिया है। 23 जनवरी 2026 को आयोजित राज्यव्यापी प्रदर्शन के तहत सिंगरौली जिले में भाकपा कार्यकर्ताओं ने एक ज्ञापन सौंपकर सरकार की ‘जनविरोधी’ बिजली नीतियों को वापस लेने की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
स्मार्ट मीटर और निजीकरण का विरोध: प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकपा नेता संजय नामदेव ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही महंगाई से त्रस्त है और अब जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं। उन्होंने मांग रखी कि स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता समाप्त कर इसे पूरी तरह ऐच्छिक (Optional) बनाया जाए। इसके साथ ही, पार्टी ने मध्य प्रदेश विद्युत मंडल को पुनः स्थापित करने और बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की पुरजोर वकालत की।
किसानों और छात्रों के हितों की रक्षा: ज्ञापन में आगामी परीक्षाओं का हवाला देते हुए मांग की गई कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए। किसानों के लिए सिंचाई हेतु पर्याप्त बिजली सुनिश्चित करने और पूरे प्रदेश में एक समान बिजली दरें लागू करने की बात भी प्रमुखता से उठाई गई। भाकपा ने धार्मिक आयोजनों में हो रही बिजली की अवैध आपूर्ति और अवैध कनेक्शनों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय समस्याओं पर ध्यान: जिले की स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए भाकपा ने ग्राम पंचायत छतौली के बुड़हरिया टोला यादव बस्ती का मुद्दा उठाया। आरोप लगाया गया कि पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में केवल 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिसे बढ़ाकर 24 घंटे किया जाना चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और इस आंदोलन को ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।











