Anil Ambani PNB Fraud : नई दिल्ली। कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ 1,085 करोड़ रुपये की नई बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के मुख्य प्रबंधक संतोषकृष्ण अन्नावरपू की शिकायत पर की गई है।
क्या है धोखाधड़ी का आरोप? एफआईआर के अनुसार, यह कथित घोटाला साल 2013 से 2017 के बीच हुआ। बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने लोन इस मंशा के साथ लिया था कि उसे वापस नहीं किया जाएगा। बैंक के फंड को जानबूझकर अन्य जगहों पर डायवर्ट (Diversion of Funds) करने का भी गंभीर आरोप है।
इस धोखाधड़ी के कारण PNB को 621.39 करोड़ रुपये और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को 463.80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और मझारी काकर समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (साजिश) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
ईडी की छापेमारी और संपत्ति कुर्की का सिलसिला यह नया मामला तब सामने आया है जब अनिल अंबानी का समूह पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के घेरे में है:
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छापेमारी: हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस पावर कंपनी से जुड़े 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
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संपत्ति कुर्की: इससे पहले 25 फरवरी को ईडी ने अनिल अंबानी की मुंबई स्थित ‘अबोड’ (Abode) संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था, जिसकी कीमत करीब 3,716 करोड़ रुपये है।
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बढ़ता दायरा: ईडी द्वारा इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
जांच एजेंसियां अब फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटी हैं।











