Major Action on Mittal Hospital Raipur: मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा चाबुक; आयुष्मान योजना से 3 माह के लिए निलंबित

VIKASH KHALKHO

Major Action on Mittal Hospital Raipur: रायपुर (छत्तीसगढ़)। राजधानी रायपुर के अवंती बाई चौक स्थित मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (मित्तल हॉस्पिटल) के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। केंद्र सरकार की अति-महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में गंभीर धांधली और अनियमितता पाए जाने पर अस्पताल को योजना से 3 महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।

बिना सर्जरी किए नकद ऐंठने का लगा था गंभीर आरोप

पूरा मामला मित्तल अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक मरीज से जुड़ा हुआ है।

  • नकद राशि की वसूली: मरीज के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड होने के बावजूद इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन द्वारा उससे अलग से भारी-भरकम नकद राशि ली गई।

  • बिना सर्जरी फर्जीवाड़ा: जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि जिस इलाज या सर्जरी का दावा आयुष्मान योजना के तहत क्लेम करने के लिए दिखाया गया था, वह सर्जरी वास्तव में की ही नहीं गई थी।

मामले की शिकायत मिलने के बाद जब स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने जांच की, तो मित्तल अस्पताल को प्रथम दृष्टया और विस्तृत जांच में दोषी पाया गया। इसके बाद अस्पताल को योजना से बेदखल करने की सिफारिश की गई थी।

9 महीने तक फाइल दबाकर बैठे रहे अफसर, मीडिया ने खोली पोल

चौंकाने वाली बात यह भी है कि जांच टीम द्वारा अस्पताल को दोषी ठहराए जाने और कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी लगभग 9 महीने तक कार्रवाई की फाइल को दबाकर बैठे रहे।

इस प्रशासनिक लापरवाही और अस्पताल प्रबंधन को दिए जा रहे संरक्षण के खिलाफ निशानेबाज़ न्यूज़ ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं। मीडिया में मामला तूल पकड़ते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और आखिरकार फाइल पर हस्ताक्षर कर मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस को 3 महीने के लिए आयुष्मान योजना से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।

मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर कसेगा शिकंजा

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से रायपुर के उन निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है, जो आयुष्मान भारत योजना की आड़ में गरीब और बेबस मरीजों से अतिरिक्त पैसे ऐंठने का काम करते हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शासकीय योजनाओं में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा या मरीजों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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