Chhattisgarh Liquor Scam : बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ₹2500 करोड़ के कथित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 नवंबर को निर्धारित की गई है।
Chhattisgarh Liquor Scam : इससे पहले, चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में भी अहम सुनवाई हुई थी, जहाँ खंडपीठ ने ED को 10 दिन के भीतर काउंटर एफिडेविट (प्रति शपथ पत्र) दाखिल करने का निर्देश दिया था।
जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी, 16.70 करोड़ कैश मिलने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन (18 जुलाई) पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।
ED के आरोप:
ED की जाँच में दावा किया गया है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नकद मिले।
उन्होंने इस अवैध कमाई का उपयोग अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया, जिसमें प्रोजेक्ट ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंकों में एंट्रीज का उपयोग शामिल है।
एजेंसी का यह भी आरोप है कि उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर एक ऐसी योजना तैयार की, जिसके तहत ‘विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट’ में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए।
ED ने इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप लगाया है।
कई बड़े चेहरे पहले से गिरफ्त में
यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इस मामले में चैतन्य बघेल के अलावा पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, अरविंद सिंह और त्रिलोक सिंह ढिल्लों सहित कई बड़े चेहरे पहले से ही गिरफ्तार हैं।













