Chhattisgarh Corruption:रायपुर।छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी (छसपा) के अध्यक्ष और राज्य आंदोलनकारी अनिल दुबे ने राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार, प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और मंत्री से लेकर सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा पटवारी स्तर तक बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं।
Chhattisgarh Corruption:अनिल दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पाई है। उनका आरोप है कि प्रदेश में शासकीय भूमि, आदिवासी भूमि, वन भूमि, सिंचाई विभाग की भूमि और नेशनल हाईवे की जमीनों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य हुए हैं।
Chhattisgarh Corruption:राज्यपाल को सौंपेंगे दस्तावेजी शिकायत
Chhattisgarh Corruption:अनिल दुबे ने बताया कि उनकी पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही लोकभवन पहुंचकर महामहिम राज्यपाल को शपथपत्र के साथ दस्तावेजी शिकायत सौंपेगा। शिकायत में मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग करने की बात कही गई है।
Chhattisgarh Corruption:उन्होंने कहा कि यह देश का संभवतः पहला ऐसा मामला होगा, जिसमें इतने बड़े पैमाने पर दस्तावेजों के साथ संवैधानिक पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत की जाएगी।
Chhattisgarh Corruption:55 लाख एकड़ भूमि में गड़बड़ी का आरोप
Chhattisgarh Corruption:प्रेसवार्ता में अनिल दुबे ने दावा किया कि प्रदेश में लगभग 55 लाख एकड़ भूमि से जुड़े मामलों में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों और बाहरी कारोबारियों की मिलीभगत से सरकारी, आदिवासी और कृषि भूमि का अवैध रूप से पंजीयन कराया गया तथा वहां उद्योग, होटल, बंगले, शादी घर और अन्य व्यावसायिक निर्माण कराए गए। उन्होंने कहा कि यदि यह सब दस्तावेजों के साथ साबित हो रहा है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
Chhattisgarh Corruption: महासमुंद कलेक्टर पर लगाए आरोप
Chhattisgarh Corruption:छसपा अध्यक्ष ने महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े एक मामले में उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी उस पर कार्रवाई नहीं हुई।
दुबे का आरोप है कि किसानों ने मुख्यमंत्री जनदर्शन में भी अपनी शिकायतें और दस्तावेज सौंपे थे, जिसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन कई महीनों से लंबित है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Chhattisgarh Corruption:किसानों के संघर्ष का किया जिक्र
Chhattisgarh Corruption:अनिल दुबे ने कहा कि पिछले चार वर्षों से किसान विभिन्न मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका दावा है कि किसानों ने दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से कई मामलों में अपनी बात को सही साबित किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
Chhattisgarh Corruption:बलौदाबाजार हिंसा मामले पर भी उठाए सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बलौदाबाजार हिंसा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गलत है और इसका विरोध किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि मामले में जेल में बंद युवाओं के मामलों की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। यदि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई होती है तो अवैध रूप से भूमि का उपयोग और पंजीयन कराने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
Chhattisgarh Corruption:राज्यपाल से समय मिलने का इंतजार
Chhattisgarh Corruption:अनिल दुबे ने बताया कि लोकभवन से उन्हें सूचना दी गई है कि राज्यपाल के व्यस्त कार्यक्रमों के कारण अभी समय तय नहीं हो पाया है। हालांकि जल्द ही प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया जाएगा।
Chhattisgarh Corruption:उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी, सर्व छत्तीसगढ़ किसान समाज, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा, छात्र संगठन और महिला प्रतिनिधि शामिल होंगे।
Chhattisgarh Corruption:सरकार और प्रशासन पर बड़ा सवाल
प्रेसवार्ता में अनिल दुबे ने कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन और प्रशासन संविधान के अनुरूप कार्रवाई करेगा या फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को नजरअंदाज करेगा।
उन्होंने दावा किया कि उनके पास बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज हैं जो कथित अनियमितताओं और भूमि संबंधी मामलों को उजागर करते हैं। इन सभी दस्तावेजों को राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
Chhattisgarh Corruption:कार्रवाई की मांग
Chhattisgarh Corruption:अनिल दुबे और उनके सहयोगियों ने मांग की कि कथित भूमि घोटालों, अवैध पंजीयन और प्रशासनिक अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।


Chhattisgarh Corruption:उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जारी रहेगा तथा वे अपने आरोपों से जुड़े दस्तावेज संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को सौंपेंगे।
Chhattisgarh Corruption:छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के अध्यक्ष अनिल दुबे ने राज्य सरकार, प्रशासनिक अधिकारियों और भूमि मामलों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें जल्द ही राज्यपाल के समक्ष शपथपत्र के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इन आरोपों पर शासन और प्रशासन क्या जवाब देता है, क्या किसी उच्चस्तरीय जांच के आदेश होते हैं और क्या दस्तावेजों में किए गए दावों की पुष्टि हो पाती है। फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में नई बहस को जन्म देता नजर आ रहा है।









