CG Crime Update: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिले में कानून और व्यवस्था को चाक-चौबंद करने तथा आदतन अपराधियों व फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एक विशेष महा-अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुए एक संवेदनशील मारपीट के मामले में पिछले दो महीनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वास बैरागी (20 वर्ष) को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रामनवमी शोभायात्रा में बीच-बचाव करने पर बढ़ी थी रंजिश
इस पूरे विवाद की जड़ें मार्च महीने से जुड़ी हुई हैं। रायगढ़ के बैकुंठपुर महावीर चौक निवासी पीड़ित वैभव ठाकुर (23 वर्ष) ने बीते 28 मार्च 2026 को कोतवाली थाने में इस घटना की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह शहर में साउंड एंड लाइट का निजी व्यवसाय करता है। गत 27 मार्च 2026 को श्रीरामनवमी की भव्य शोभायात्रा के दौरान गैलेक्सी मॉल के पास कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों के बीच आपस में विवाद हो रहा था। प्रार्थी वैभव ने एक सजग नागरिक का परिचय देते हुए उस समय बीच-बचाव कर मामले को शांत करा दिया था, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजरी।
देर रात पान ठेले के पास घेरकर किया था जानलेवा हमला
शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने के बाद जब प्रार्थी देर रात्रि को अपने साउंड सिस्टम का सामान समेटकर दशरथ पान ठेला के पास रखवा रहा था, तभी वहां पुरानी खुन्नस खाए बैठे आरोपी शुभम भाटिया, विश्वास बैरागी और उनके अन्य साथी अचानक आ धमके। आरोपियों ने बीच-बचाव करने की बात को लेकर वैभव से गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर शुभम भाटिया ने अपने हाथ में पहने भारी लोहे के कड़े से वैभव के चेहरे पर ज़ोरदार हमला कर दिया। इसके साथ ही विश्वास बैरागी और उसके अन्य साथियों ने प्रार्थी को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी नाक, बाएं कंधे और हाथ के अंगूठे में गंभीर चोटें आई थीं।
चिकित्सीय परीक्षण के बाद पुलिस ने बढ़ाईं कड़ी धाराएं
पीड़ित की शिकायत और गंभीर हालत को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 167/2026 दर्ज किया था। पुलिस ने शुरुआत में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3), 115(2) और 3(5) के तहत मुकदमा कायम किया था। इसके बाद जब घायल वैभव ठाकुर का विस्तृत चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) कराया गया, तो चोटों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की विवेचना में बीएनएस की एक और बेहद गंभीर धारा 118(1) (धारदार या खतरनाक हथियार से गंभीर चोट पहुँचाना) को भी शामिल कर लिया था।
शेष फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की टीमें
घटना के बाद से ही सभी नामजद आरोपी गिरफ्तारी के डर से अपने घरों से फरार चल रहे थे। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत मुखबिर की सटीक सूचना पर कोतवाली पुलिस ने आखिरकार आरोपी विश्वास बैरागी (पिता तुलसी बैरागी, निवासी मोदीपारा, सावित्रीनगर) को उसके ठिकाने से दबोच लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें इस मामले में शामिल मुख्य आरोपी शुभम भाटिया और उसके अन्य फरार साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।









