Sunday, September 20, 2026
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CG IAS Transfer: क्या है इसके पीछे का सन्देश, IAS अफसर के एक सचिव, एक मंत्री होंगे

CG IAS Transfer क्या है इसके पीछे का सन्देश, IAS अफसर के एक सचिव, एक मंत्री होंगे
CG IAS Transfer क्या है इसके पीछे का सन्देश, IAS अफसर के एक सचिव, एक मंत्री होंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में सख्ती और सुधार का स्पष्ट संदेश देते हुए बुधवार देर शाम आईएएस और गुरुवार दोपहर आईपीएस अफसरों का बड़ा तबादला आदेश जारी किया। इन आदेशों से यह स्पष्ट है कि सरकार ने गहन विचार-विमर्श और फीडबैक के बाद ही निर्णय लिए हैं, और यह प्रक्रिया लगभग केंद्र सरकार की तरह गोपनीय रखी गई थी—जहां अंतिम क्षण तक किसी को भी अपनी पोस्टिंग की जानकारी नहीं थी।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह की निगरानी में तैयार की गई यह ट्रांसफर लिस्ट अत्यधिक ठोस मंथन और कार्यक्षमता के मूल्यांकन के आधार पर तैयार की गई है। इसमें उन अधिकारियों को तरजीह दी गई है, जिन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि मनमानी और गैर-जवाबदेही का रवैया अपनाने वालों को किनारे कर संदेश दिया गया है।

“एक मंत्री – एक सचिव – एक अफसर” मॉडल की शुरुआत

सरकार ने अब तक की बहु-सांकेतिक रिपोर्टिंग व्यवस्था में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार की तर्ज पर ‘एक मंत्री – एक सचिव – एक अफसर’ की नीति लागू की है। पहले जहां एक अफसर को कई मंत्रियों या सचिवों के अधीन काम करना पड़ता था, अब उस व्यवस्था को सरल और जवाबदेह बनाया गया है।

इस बदलाव के तहत:

  • प्रियंका शुक्ला को कमिश्नर हेल्थ के साथ एमडी, एनआरएचएम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

  • किरण कौशल को फूड डिपार्टमेंट के साथ एमडी, मार्कफेड और एमडी, नॉन की जिम्मेदारी दी गई।

  • अवनीश शरण को डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ कमिश्नर, हाउसिंग बोर्ड नियुक्त किया गया।

  • कार्तिकेय गोयल को डायरेक्टर फूड और एमडी, वेयरहाउसिंग बनाया गया।

परफॉर्मेंस आधारित जिम्मेदारियां

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कलेक्टरों को बड़े और महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी दी जाए। साथ ही योग्य प्रमोटी आईएएस अफसरों को भी प्रदर्शन के आधार पर अहम पद दिए गए हैं। वहीं, जिन अफसरों की शिकायतें मिली थीं या जिन्होंने लापरवाही बरती थी, उन्हें कम अहमियत वाले पदों पर भेज दिया गया।

इस युक्तियुक्तकरण का मुख्य उद्देश्य कार्य निष्पादन को सुगम और प्रभावी बनाना है। सरकार का स्पष्ट संकेत है कि सुशासन, कार्यकुशलता, ईमानदारी और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। लापरवाही, अहंकार और जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने वाले अफसरों को अब इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।

आईपीएस तबादले: टॉप परफॉर्मर को अहम जिम्मेदारी

आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में भी सरकार ने परफॉर्मेंस को प्राथमिकता दी है। नॉन-पर्फॉर्मिंग अफसरों को हटा दिया गया, जबकि विजय अग्रवाल जैसे टॉप परफॉर्मर को दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण जिले की कमान सौंपी गई। यह नियुक्ति न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम है, बल्कि पुलिस महकमे में भी एक स्पष्ट संदेश है कि बेहतर काम करने वालों को ही आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

हालांकि, पुलिस हाउसिंग में छह साल से एमडी पद संभाल रहे पवनदेव को चेयरमैन बनाए जाने पर कुछ सवाल जरूर उठे हैं। यह निर्णय कुछ हद तक ‘इधर से कान पकड़ने या उधर से’ जैसी स्थिति प्रतीत करता है।

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