Wednesday, September 9, 2026
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भोपाल : पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक बदलाव, लॉरेंस गैंग के नाम पर संगठित अपराध तो किसान आंदोलन की चेतावनी

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासनिक, किसान और अपराध—तीनों स्तरों पर बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। पुलिसिंग व्यवस्था में बदलाव से लेकर किसानों की नाराजगी और संगठित अपराध पर कार्रवाई तक, शहर में हलचल तेज है।

पुलिसिंग में बड़ा बदलाव: टू आईसी मॉडल लागू

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में नया प्रयोग करते हुए “टू आईसी मॉडल” लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत अब एक थाने में दो इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह व्यवस्था पहले निशातपुरा और हबीबगंज थानों में लागू की गई है।
इसके बाद दूसरे चरण में कोहेफिजा और पिपलानी थानों को शामिल किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में इसे पूरे शहर के सभी थानों में लागू किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है।
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किसान संघ की चेतावनी, उपार्जन व्यवस्था पर सवाल

भारतीय किसान संघ ने गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
किसानों की प्रमुख मांगों में उपार्जन की अंतिम तिथि को ऋण वसूली से जोड़ना बंद करना, फसल बीमा में पारदर्शिता लाना, सेटेलाइट सर्वे को अमान्य करना और स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुधारना शामिल है। किसानों का कहना है कि सर्वर की खराबी के कारण उपार्जन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ‘कॉर्पोरेट मॉडल’ खुलासा

इधर, मध्यप्रदेश एसटीएफ ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े फिरौती नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि गैंग का संचालन किसी कॉर्पोरेट संस्था की तरह किया जा रहा था।
भोपाल के एक रियल एस्टेट कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जयपुर जेल से लाया गया मास्टरमाइंड

इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड जेपी डारा को राजस्थान की जयपुर जेल से ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाया गया है। आरोपी पर राजस्थान में 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उससे पूरे गैंग नेटवर्क, फंडिंग और अन्य सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

तीनों मोर्चों पर प्रशासन सतर्क

भोपाल में एक तरफ जहां प्रशासन पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है, वहीं किसानों के आंदोलन की चेतावनी और संगठित अपराध पर कार्रवाई ने सिस्टम की सक्रियता को बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में इन सभी मामलों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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