HomeMadhya PradeshBhopalJiwaji University : जेयू से संबद्ध 74 कॉलेजों पर संकट, नियमों का...

Jiwaji University : जेयू से संबद्ध 74 कॉलेजों पर संकट, नियमों का पालन न करने पर रद्द होगी मान्यता; छात्रों के भविष्य पर खतरा

Date:

Related stories

Raipur News:देशभर के 65 डिजाइनर पहुंचे राजधानी, “रिवाज़” प्रदर्शनी का उदघाटन

Raipur News:रायपुर। राजधानी रायपुर के सायाजी होटल में तीन...

Jiwaji University : भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) से संबद्ध कई निजी कॉलेजों की लापरवाही सामने आई है। विश्वविद्यालय से जुड़े 349 कॉलेजों में से लगभग 200 बीएड, सामान्य और मैनेजमेंट कॉलेजों को सत्र 2024–25 के लिए कुछ सख्त शर्तों के साथ अस्थायी संबद्धता दी गई थी। इन कॉलेजों को अपनी कमियां दूर करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था, लेकिन समय सीमा निकलने के बावजूद 74 कॉलेजों ने नियमों का पालन नहीं किया है।

Read More : Cough Syrup Case : कफ सिरप त्रासदी : हाईकोर्ट से कटारिया फार्मा को झटका, लाइसेंस रद्द करने पर स्टे से इनकार

Jiwaji University : तीन माह की मोहलत के बाद भी सिर्फ औपचारिकता

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कॉलेजों को पर्याप्त शिक्षक, लैब, लाइब्रेरी और उचित भवन जैसी अनिवार्य कमियां पूरी करने का निर्देश दिया था। हालांकि, तय तीन महीने की अवधि में केवल 55 कॉलेजों ने ही पालन प्रतिवेदन (Compliance Report) जमा किया। इसके बाद भी जब कोई सुधार नहीं दिखा, तो जेयू प्रशासन ने एक महीने की अतिरिक्त मोहलत दी। इसके बावजूद 74 कॉलेजों ने तो जरूरी शपथ पत्र (Affidavit) तक जमा नहीं किया, जो यह दर्शाता है कि वे नियमों के पालन के प्रति गंभीर नहीं हैं।

Jiwaji University : अगले सत्र से संबद्धता रद्द करने की तैयारी

लापरवाही बरतने वाले इन 74 कॉलेजों पर अब जेयू प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। जेयू प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इन कॉलेजों को सत्र 2025–26 की संबद्धता प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा। डीसीडीसी (Director, College Development Council) प्रो. शांतिदेव सिसौदिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि जिन कॉलेजों ने नियमानुसार शपथ पत्र नहीं दिया है, उन्हें संबद्धता प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अगले सत्र से पहले ही इन कॉलेजों के ताले लग सकते हैं, क्योंकि इनके लिए शुल्क जमा करने की लिंक भी जारी नहीं की जाएगी।

Read More : Politics : फिर विवादों में शशि थरूर, आडवाणी की तारीफ कर बने कांग्रेस के लिए किरकिरी, गांधी परिवार के वंशवाद पर कर चुके करारा प्रहार

शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न

निरीक्षण समितियों की रिपोर्ट में इन कॉलेजों में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। कई संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, न ही जरूरी लैब और लाइब्रेरी की सुविधा है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ कॉलेज तो साधारण स्कूल की इमारतों में संचालित हो रहे हैं। इन कमियों के बावजूद पिछले साल इन्हें सशर्त संबद्धता दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2024–25 में भी अनियमितताओं के कारण 42 कॉलेजों की मान्यता रद्द की थी, लेकिन निजी कॉलेजों में फर्जीवाड़ा और अनियमितता अभी भी जारी है।

Jiwaji University : लापरवाही का खामियाजा भुगतेंगे छात्र

इन कॉलेजों की लापरवाही का सीधा और सबसे बड़ा असर वहां पढ़ रहे छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। छात्रों को न तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पा रही है और न ही आवश्यक संसाधन। जेयू प्रशासन ने अब यह ठान लिया है कि बिना सख्त कार्रवाई के शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं है। ग्वालियर अंचल के निजी कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जेयू अब कड़ा रुख अपना रहा है, ताकि आने वाले सत्र में छात्रों को कोई नुकसान न उठाना पड़े।

Share The News
VIKASH KHALKHO
VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here