Bilaspur Education Hub: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बेहद अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब प्रदेश के होनहार युवाओं को सीजीपीएससी से लेकर नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इधर-उधर भटकने या दूसरे राज्यों के शहरों का रुख करने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी। बिलासपुर क्षेत्र में तेजी से विकसित किया जा रहा नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब आने वाले समय में जिले की शैक्षणिक पहचान को एक नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रतिभावान बच्चों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए प्रशासन की बड़ी पहल
गौरतलब है कि न्यायधानी बिलासपुर में हर वर्ष बहुत बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, व्यापम और बैंकिंग सहित विभिन्न कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में इन सभी छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, सभी जरूरी तकनीकी सुविधाएं और पढ़ने योग्य शांत माहौल मिल सके, इसलिए जिला प्रशासन इस विशेष प्रोजेक्ट पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। इसके अलावा युवाओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अब महंगे शहरों का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। यही कारण है कि इस प्रोजेक्ट की तारीफ पूरे प्रदेश में हो रही है।
तेरह एकड़ शासकीय भूमि पर विकसित होगी यह महत्वाकांक्षी योजना
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे लगभग तेरह एकड़ शासकीय भूमि पर बहुत बड़े क्षेत्रफल में विकसित किया जा रहा है। यदि लागत की बात करें तो इस बड़े प्रोजेक्ट में कुल एक सौ बीस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस आधुनिक नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब की सबसे बड़ी विशेषता यह होने वाली है कि यहाँ विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय अध्ययन, सुरक्षित आवास और अन्य सभी जरूरी शैक्षणिक संसाधनों की सुविधाएं एक ही स्थान पर बेहद आसानी से मिल सकेंगी। हालांकि इस तरह का एकीकृत परिसर छत्तीसगढ़ में पहली बार बनाया जा रहा है।
चौबीस घंटे खुली रहेगी हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी
इस सर्वसुविधायुक्त परिसर में एक विशाल हाईटेक लाइब्रेरी का निर्माण भी किया जा रहा है। यहाँ विद्यार्थियों को शांत माहौल के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल संसाधनों के साथ चौबीस घंटे निरंतर अध्ययन करने की शानदार सुविधा उपलब्ध होगी। इसके विपरीत जो छात्र बाहर कमरा लेकर नहीं रह सकते उनके लिए भी विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर के भीतर ही छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग तीन सौ सीटर सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बनाए जा रहे हैं। अंततः यह एजुकेशन हब बिलासपुर को शिक्षा के क्षेत्र में देश भर के नक्शे पर एक मजबूत पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।









