Punjipathra Organized Theft: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में थाना पूंजीपथरा पुलिस ने एनआरवीएस स्टील लिमिटेड प्लांट से लाखों रुपये मूल्य के स्क्रैप पाइप की चोरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने मात्र चौबीस घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए पांच शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर कंपनी के भीतर रखे कीमती स्क्रैप पाइप को बाहर निकालने और बेचने की एक खतरनाक साजिश रची थी।
प्लांट के भीतर से तीन सौ किलो स्क्रैप गायब
एनआरवीएस स्टील लिमिटेड पूंजीपथरा के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने इस चोरी की लिखित रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड की जांच के दौरान लगभग तीन सौ किलो एसएस स्क्रैप पाइप चोरी होना पाया गया है। बाजार में इस चोरी गए माल की अनुमानित कीमत करीब एक लाख आठ हजार रुपये आंकी गई है। इस रिपोर्ट पर पूंजीपथरा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत तत्काल मामला दर्ज कर अपनी विवेचना प्रारंभ कर दी थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया।
फ्लाई ऐश के भीतर छिपाकर बाहर निकाला माल
थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्लांट के संदिग्ध कर्मचारियों से कड़ाई से पूछताछ की। इसके अलावा पुलिस के सक्रिय सूचनातंत्र और मुखबिर से जानकारी मिली कि चोरी गया माल तराईमाल के जंगल में छिपाकर रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप पुलिस ने घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर बृज कुमार ने पहले पाइप को फ्लाई ऐश यानी डस्ट के भीतर छिपाया था। इसके बाद लोडर चालक दीपक कुमार ने इसे बड़ी चालाकी से ट्रेलर में लोड कर दिया था।
पुलिस ने नौ लाख से अधिक का मशरूका किया जब्त
ट्रेलर चालक नंदकिशोर चोरी के इस माल को प्लांट से बाहर निकालकर गेरवानी क्षेत्र में ले गया था। इसके विपरीत बाद में आरोपी करन श्रीवास की ईको वाहन में इस पूरे माल को लोड कर जंगल में छिपा दिया गया था। आरोपी इस माल को बेचकर रकम आपस में बांटने की फिराक में थे। हालांकि पुलिस ने उनकी इस योजना पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। पुलिस ने मौके से तीन सौ किलो स्क्रैप पाइप और आठ लाख रुपये की ईको कार बरामद की है। अंततः पुलिस ने मामले में संगठित अपराध की धारा जोड़कर सभी पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया है।









