रायपुर। भाजपा कार्यकर्ता और जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल का एक विवादित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अग्रवाल ने कहा कि “विधायक मेरे सामने कुछ नहीं लगते। आप एक तरफ मंत्री और दूसरी तरफ मुझे खड़ा कर दीजिए, देख लीजिएगा किसे ज्यादा नमस्कार होगा।”
रविवार को रायपुर में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति धर्म का कार्य करता है, समाज उसे सबसे आगे रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि “भगवा चोला पहनना जरूरी नहीं, मैं बिना भगवा चोले के भी धर्म का काम कर रहा हूं।”
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राजनीतिक पृष्ठभूमि
बसंत अग्रवाल ने 2023 विधानसभा चुनाव में रायपुर पश्चिम से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने राजेश मूणत को उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने चुनाव भी जीता। अग्रवाल भाजपा के महासदस्यता अभियान में सक्रिय रहे और 13 हजार नए सदस्य जोड़ने पर उन्हें “सदस्यता रत्न” से सम्मानित किया गया था।
विवादों से जुड़ा रहा नाम
अग्रवाल पहले भी विवादों में रहे हैं। सात साल पहले बेमेतरा में भाजपा नेता लाभचंद बाफना से उनकी झड़प हुई थी, जिसके बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
आगामी आयोजन
अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 4 से 8 अक्टूबर तक रायपुर के गुढ़ियारी में स्व. पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के तत्वावधान में हनुमत कथा का आयोजन होगा, जिसमें बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री शिरकत करेंगे।
मंत्री-विधायकों की चुप्पी
अग्रवाल के बयान पर अभी तक किसी भी मंत्री या विधायक ने प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इसे कार्यकर्ताओं का असंतोष और संगठन के लिए अनुशासनहीनता की चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।













