Burhanpur Encroachment : बुरहानपुर: जिले के ग्राम मोहम्मदपुरा में अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। यहाँ ‘अवध वाटिका’ नाम से काटी जा रही एक निजी कॉलोनी में कॉलोनाइजर द्वारा प्राकृतिक नाले को बंद कर रास्ता बना दिया गया था। ग्रामीण युवक रोहन पाटिल की शिकायत के करीब दो महीने बाद, सोमवार को प्रशासन ने आनन-फानन में जेसीबी भेजकर नाले से अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों का व्यवहार चर्चा का विषय बना रहा।
हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर अवैध अतिक्रमण हटाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर मीडिया को देखते ही मौके पर मौजूद अधिकारी और पटवारी भागते नजर आए। शिकायतकर्ता रोहन पाटिल का आरोप है कि इस अवैध निर्माण को लेकर पूर्व में एसडीएम द्वारा नियमों के विरुद्ध जाकर नाले को बंद करने की अनुमति (परमिशन) दी गई थी। शिकायत के बावजूद कार्रवाई में दो महीने का समय लगना और अधिकारियों का सवालों से बचकर भागना, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मौके पर मौजूद पटवारी से जब इस संबंध में चर्चा करनी चाही तो वे कैमरा देख अपना मुंह छिपाकर भाग निकले। अधिकारियों की इस चुप्पी ने क्षेत्र में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। स्थानीय लोगों का पूछना है कि यदि कार्रवाई नियमानुसार हो रही है, तो जिम्मेदार जवाब देने से क्यों कतरा रहे हैं? क्या इस मामले में बड़े अधिकारियों की मिलीभगत है या फिर केवल कागजी खानापूर्ति कर रसूखदार कॉलोनाइजर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता रोहन पाटिल ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को लेकर अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने मांग की है कि न केवल नाले को पूर्णतः पूर्ववत स्थिति में लाया जाए, बल्कि उन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए जिन्होंने नियम विरुद्ध जाकर नाले को बंद करने की परमिशन जारी की थी। फिलहाल, नाले से अतिक्रमण हटाने का काम जारी है, लेकिन प्रशासन की साख इस पूरे घटनाक्रम के बाद सवालों के घेरे में है।









