Raigarh Police Strike : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा साझा अभियान छेड़ दिया है। ‘ऑपरेशन ड्रोन’ और ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत सोमवार को जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर अफीम की अवैध खेती पर बड़ा प्रहार किया गया। कलेक्टर और एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने जिले के अवैध मादक पदार्थ कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। सबसे बड़ी सफलता तमनार के ग्राम आमाघाट में मिली, जहाँ लगभग एक एकड़ में लहलहा रही अफीम की फसल को पुलिस ने नेस्तनाबूद कर दिया। जब्त किए गए पौधों और मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई है।
प्रशासन की इस हाई-टेक जंग में ‘ड्रोन’ सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र साबित हो रहा है। जमीन पर छिपे सफेद जहर के इस काले कारोबार को आसमान से बेनकाब किया जा रहा है। तमनार के बाद लैलूंगा विकासखंड के नवीन घटगांव में भी ड्रोन की नजर से तस्कर नहीं बच सके। यहाँ किसान साध राम नाथ के खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही अफीम की फसल को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घने जंगलों और खेतों के बीच छिपी इन फसलों तक पहुँचना पहले मुश्किल था, लेकिन अब हाई-टेक कैमरों ने तस्करों के सुरक्षित ठिकानों को असुरक्षित कर दिया है।
तीसरी बड़ी स्ट्राइक लैलूंगा के ही मुड़ागांव में हुई, जहाँ तानसेन नागवंशी नामक व्यक्ति की निजी भूमि पर अफीम की खेती पकड़ी गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। प्रशासन अब इस पूरे रैकेट के ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है, जो भोले-भाले किसानों को लालच देकर इस अवैध धंधे में धकेल रहे हैं। प्राथमिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इस अफीम की सप्लाई अंतरराज्यीय गिरोहों को की जानी थी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि रायगढ़ में अवैध नशे के कारोबार के लिए कोई जगह नहीं है। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमें अब जिले के सभी विकासखंडों में सघन ड्रोन सर्वे कर रही हैं। प्रशासन की इस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से अवैध खेती करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है; हर उस खेत और बाड़ी तक पुलिस पहुँचेगी जहाँ कानून का उल्लंघन हो रहा है। रायगढ़ अब नशे के खिलाफ अपनी इस जंग को अंतिम मुकाम तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह तैयार है।











