वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे तुरंत सरेंडर करने की चेतावनी दी है। एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल किसी भी कमजोर समझौते या युद्धविराम के पक्ष में नहीं है।
ट्रंप का बयान- मजबूत समझौते के बिना नहीं होगी बातचीत
ट्रंप ने कहा कि तेहरान समझौते के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा है, लेकिन अमेरिका केवल मजबूत और ठोस समझौते को ही स्वीकार करेगा। उनके अनुसार भविष्य में कोई भी डील ऐसी होनी चाहिए जो क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित कर सके और मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखे।
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सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की स्थिति पर सवाल
ट्रंप ने हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई की स्थिति पर भी संदेह जताया। उन्होंने दावा किया कि खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं और उन्हें यह जानकारी मिली है कि संभवतः वे अब जीवित नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि वे जीवित हैं, तो उन्हें अपने देश को बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहिए।
खार्ग द्वीप पर हमले का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप पर भारी सैन्य कार्रवाई की है। उनके अनुसार इस हमले में द्वीप को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि ऊर्जा अवसंरचना को जानबूझकर सुरक्षित रखा गया है।ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पहले ही ईरान की मिसाइल और ड्रोन उत्पादन क्षमता को काफी हद तक नष्ट कर चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर वैश्विक अपील
ट्रंप ने ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से अपील की कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत तैनात करें। उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
बढ़ते तनाव से क्षेत्र में चिंता
ईरान के विदेश मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका और इजरायल के लिए बंद किया जा सकता है। इसके बाद ट्रंप के बयान ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।
ट्रंप का कहना है कि उनकी रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान दोबारा मध्य पूर्व में अपनी सैन्य और राजनीतिक ताकत स्थापित न कर सके।











