निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भोपाल में संचालित कई हुक्का लाउंज में फ्लेवर्ड या हर्बल हुक्का के नाम पर निकोटिन युक्त हुक्का परोसे जाने का मामला सामने आया है। जांच में यह खुलासा होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार हुक्का लाउंज से लिए गए फ्लेवर्ड हुक्का केक के नमूनों की जांच में 0.05 से 0.16 प्रतिशत तक निकोटिन पाया गया है, जो लगभग 25 से 80 मिलीग्राम तक है।
हाईकोर्ट ने दी थी टोबैको-फ्री हुक्का की अनुमति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेस्टोरेंट संचालकों को हुक्का लाउंज चलाने की अनुमति सिर्फ टोबैको-फ्री (तंबाकू रहित) हुक्का पिलाने की शर्त पर दी थी।लेकिन जांच में निकोटिन मिलने से यह साफ हो गया है कि कुछ हुक्का लाउंज संचालक नियमों का उल्लंघन करते हुए तंबाकू युक्त हुक्का परोस रहे हैं।
प्रदेश में करीब 500 हुक्का लाउंज
मध्य प्रदेश में फिलहाल करीब 500 हुक्का लाउंज संचालित हो रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद इन सभी लाउंज की निगरानी और जांच बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी समय-समय पर इन रेस्टोरेंट्स से फूड सैंपल लेकर जांच करते हैं।
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कॉलेज परिसरों में आवारा पशुओं की एंट्री पर रोक के निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग का नया आदेश
इधर मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय परिसरों में आवारा पशुओं और कुत्तों की एंट्री रोकने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नया निर्देश जारी किया है।
प्राचार्य को बनाया गया नोडल अधिकारी
विभाग के निर्देश के अनुसार कॉलेजों में प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और आवारा पशुओं की एंट्री रोकी जाए।
परिसर में प्रदर्शित होगा नोडल अधिकारी का नंबर
उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर कॉलेज परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके।इस फैसले का उद्देश्य छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परिसर में अनुशासन बनाए रखना है।











