रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी राकेश जैन के खिलाफ करीब 1200 पेज का पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक इस मामले में करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के ठोस सबूत सामने आए हैं।
EOW की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से करीब 40 करोड़ रुपये की ब्लैक मनी को अलग-अलग तरीकों से सफेद किया गया।
शेल कंपनियों के जरिए किया गया पैसों का लेनदेन
जांच एजेंसी के अनुसार अवैध रूप से कमाए गए पैसों को वैध दिखाने के लिए कई फर्जी और शेल कंपनियों का सहारा लिया गया। इन कंपनियों के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया और लेयरिंग की प्रक्रिया के माध्यम से पैसों की असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई।
बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क में कई कंपनियों के जरिए ट्रांजेक्शन दिखाकर ब्लैक मनी को व्हाइट करने की योजना बनाई गई थी।
बैंक खातों के जरिए कैश में बदली गई रकम
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी कंपनियों के जरिए पैसे को कई खातों में घुमाया गया और बाद में बैंकिंग सिस्टम के माध्यम से उसे नकद में परिवर्तित किया गया।
EOW का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया के जरिए अवैध कमाई को वैध आय के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
सूरजकांत तिवारी तक पहुंचता था पैसों का हिस्सा
जांच एजेंसी के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए भेजी गई रकम का एक हिस्सा कथित तौर पर कारोबारी सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचता था।
इसके अलावा जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि रायपुर के मेयर अनवर ढेबर को भी इस नेटवर्क के माध्यम से रकम ट्रांसफर की गई हो सकती है। फिलहाल जांच एजेंसी इस वित्तीय लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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पहले भी कई आरोपियों पर हो चुकी है कार्रवाई
EOW ने इससे पहले 2024 में इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। इसके बाद वर्ष 2024 और 2025 के दौरान करीब 20 लोगों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की जा चुकी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार राकेश जैन इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी माने जा रहे हैं।
आगे और बढ़ सकती है जांच
EOW का कहना है कि पूरक चालान में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे घोटाले में और किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
छत्तीसगढ़ का यह कोयला घोटाला राज्य के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है और इसकी जांच के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं।











