निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान-इजराइल युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है और इसका प्रभाव अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी दिखाई देने लगा है। शहर में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई पिछले दो दिनों से पूरी तरह बंद है।
इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग इंडस्ट्री और सराफा फूड कारोबार पर पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार भोपाल में रोजाना करीब 300 कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन ऑयल कंपनियों ने फिलहाल इसकी सप्लाई रोक दी है।
होटल और कैटरिंग कारोबार पर संकट
कमर्शियल गैस बंद होने से शहर के हजारों छोटे-बड़े व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। भोपाल में अगले 20 दिनों में करीब 1000 से ज्यादा शादियां तय हैं, जिससे कैटरर्स और मैरिज गार्डन संचालकों की चिंता बढ़ गई है।
एक कैटरर के अनुसार फिलहाल उनके पास एक-दो कार्यक्रमों के लिए ही गैस स्टॉक बचा है। अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो आगे की बुकिंग संभालना मुश्किल हो जाएगा।
छोटे रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल बंद होने की कगार पर
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक शहर में करीब 2000 होटल और रेस्टोरेंट इस संकट से प्रभावित हैं। सराफा बाजार और फूड इंडस्ट्री से जुड़े हजारों कारीगरों की रोजी-रोटी पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कई छोटे फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि अगर गैस की सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ सकती हैं।
प्रशासन की बैठक, जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई
गैस संकट को लेकर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए अब 25 दिन के अंतराल के बाद ही नया सिलेंडर बुक किया जा सकेगा।
Read More : M.P Crime : इंदौर में कारों पर स्टंट कर रैली निकालने वाला युवक पुलिस के शिकंजे में
व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव
इस मुद्दे पर व्यापारियों और प्रशासन के बीच तनाव भी देखने को मिला। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेता गोविंद गोयल ने कहा कि अगर कमर्शियल सिलेंडरों पर पूरी तरह रोक लगती है तो शहर के होटल-रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे और हजारों लोग प्रभावित होंगे।
वहीं कलेक्टर ने व्यापारियों को इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और इलेक्ट्रिक चूल्हों का विकल्प अपनाने की सलाह दी है, ताकि गैस संकट के दौरान भी काम जारी रखा जा सके।
वैश्विक संकट से जुड़ी समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार यह संकट ईरान से जुड़े युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण पैदा हुआ है। इसका असर भारत के कई बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में भी देखने को मिल रहा है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सरकार घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।











