Shyampur Tehsil Girdawari : श्यामपुर/सीहोर (23 फरवरी 2026): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की श्यामपुर तहसील में पटवारियों की कथित लापरवाही और गिरदावरी कार्य की धीमी गति ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। आगामी विपणन सत्र 2026-27 के लिए फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन गिरदावरी अपडेट न होने के कारण हजारों किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है।
पंजीयन केंद्रों से निराश लौट रहे किसान पंजीयन केंद्रों पर पहुँचने वाले किसानों को भारी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। जब किसान अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराने पहुँचते हैं, तो पोर्टल पर उनकी फसल की जानकारी (गिरदावरी) अपडेट नहीं दिखाई देती। नियमानुसार, पंजीयन से पहले संबंधित पटवारी द्वारा खेत का मुआयना कर फसल की किस्म और रकबे की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है, जिसे ‘गिरदावरी’ कहा जाता है। इसके अभाव में पंजीयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
पटवारियों पर मनमानी का आरोप क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि पटवारी खेतों तक मुआयना करने नहीं पहुँच रहे हैं। बार-बार संपर्क करने के बाद भी केवल आश्वासन मिल रहा है। किसानों का कहना है कि पंजीयन की समय सीमा नजदीक आ रही है और यदि समय रहते गिरदावरी नहीं हुई, तो वे अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित रह जाएंगे।
अधिकारियों की चुप्पी से आक्रोश हैरानी की बात यह है कि श्यामपुर तहसील में मची इस अव्यवस्था पर उच्च अधिकारियों ने अभी तक कोई सख्त रुख नहीं अपनाया है। प्रशासनिक ढिलाई के कारण पटवारियों के हौसले बुलंद हैं और किसान कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गिरदावरी कार्य पूर्ण कर पंजीयन सुचारू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।











