नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) पर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। DGCA ने इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई साल 2025 में बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द होने और लगातार देरी के मामलों को लेकर की गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द, 1800 से अधिक फ्लाइट्स लेट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर DGCA ने इंडिगो की परिचालन व्यवस्थाओं की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 के दौरान 2500 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, जबकि 1852 से ज्यादा फ्लाइट्स तय समय पर संचालित नहीं हो सकीं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और भरोसे के लिए गंभीर चिंता का विषय मानी गई।
FDTL नियमों के उल्लंघन पर लगा जुर्माना
DGCA ने इंडिगो पर यह जुर्माना एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के नियम 133A के तहत लगाया है। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का लगातार 68 दिनों तक उल्लंघन किया। इसी आधार पर प्रति दिन 30 लाख रुपये के हिसाब से कुल 22.20 करोड़ रुपये की पेनाल्टी तय की गई।
जांच में सामने आईं चार बड़ी खामियां
DGCA की समिति ने इंडिगो के संचालन में चार गंभीर कमियां पाईं। इनमें संसाधनों का अत्यधिक उपयोग, नियमों के अनुरूप तैयारी की कमी, सिस्टम और सॉफ्टवेयर सपोर्ट में खामियां तथा ऑपरेशनल स्ट्रक्चर और कंट्रोल में कमजोरियां शामिल हैं। समिति का कहना है कि एयरलाइन प्रबंधन आपात परिस्थितियों से निपटने में पूरी तरह तैयार नहीं था।
DGCA के निर्देशों का पालन करेगा इंडिगो
इस कार्रवाई के बाद इंडिगो की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि कंपनी DGCA के सभी आदेशों का पालन करेगी और संचालन में जरूरी सुधार समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। एयरलाइन ने यह भी स्वीकार किया कि बदले हुए FDTL नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में चूक हुई थी।











