Rajnandgaon Youth Cow Service : राजनांदगांव: संस्कारधानी नगरी में इन दिनों गौ-सेवा और मूक प्राणियों के संरक्षण की एक नई लहर देखी जा रही है। शहर की विभिन्न संस्थाएं और जागरूक युवा न केवल घायल गौवंश का उपचार कर रहे हैं, बल्कि कड़कड़ाती ठंड और सड़क हादसों से उन्हें बचाने के लिए रात-दिन एक कर रहे हैं। इन युवाओं का सेवा भाव आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।
सड़क हादसों से बचाव: रेडियम बेल्ट और उपचार
गौ-सेवा में जुटी टीमें न केवल बीमार पशुओं का टीकाकरण और उपचार करा रही हैं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष अभियान चला रही हैं। स्वास्तिक जनसमर्पण समिति जैसे संगठनों ने गौवंश के गले में रेडियम बेल्ट बांधने और चारे के लिए कोटने (नाद) वितरण का सराहनीय कार्य किया है। वहीं, दुर्घटना में घायल पशुओं को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराना इनकी प्राथमिकता में शामिल है।
इन संस्थाओं और युवाओं का रहा अनुकरणीय योगदान
शहर में अलग-अलग समूहों ने अपनी जिम्मेदारी बांट रखी है:
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विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल (गौरक्षा टीम): सुनील सेन, राहुल मिश्रा, प्रणय मुल्लेवार, गौरव शर्मा, प्रिंस हथिबेड, सागर यादव समेत पूरी टीम सक्रियता से गौ-संरक्षण में जुटी है।
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गौ करुणा समिति: जैनम बैद, कोणार्क अग्रवाल, डॉ. चुरेंद्र चंद्रवंशी और शिवा वाधवानी जैसे सदस्य चिकित्सा और संसाधनों की व्यवस्था देख रहे हैं।
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स्वास्तिक जनसमर्पण समिति: अंशुल कसार, सत्यम मिश्रा, रिभय यादव, दिव्यांश साहू और अन्य साथी रेडियम बेल्ट व जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
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श्वान (कुत्ता) सेवा: मूक प्राणियों और कुत्तों की देखभाल में शिवानी तिवारी, हर्ष ठाकुर, नगमा अंसारी और पीयूष कश्यप जैसे युवा निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
केवल धर्म नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी
इन युवाओं का मानना है कि गौ-सेवा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक दायित्व है। ये युवा खुद के खर्च और जनसहयोग से चारा-पानी, ठंड से बचाव के प्रबंध और डॉक्टरों की सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं। इनके अभियानों का उद्देश्य समाज में संवेदना जगाना और आने वाली पीढ़ी को करुणा का पाठ पढ़ाना है।











