Sunday, August 23, 2026
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MP’s surprise inspection : सांसद का औचक निरीक्षण: बुरहानपुर जिला अस्पताल में बंद मिला करोड़ों का ICU, सांसद पाटिल ने लगाई फटकार

MP’s surprise inspection  : बुरहानपुर (गोपाल देवकर)। क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मंगलवार को बुरहानपुर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर, सीएमएचओ, सिविल सर्जन और जिला विकास समिति के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर सांसद ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि पूर्व सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के प्रयासों से कोरोना काल में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया अत्याधुनिक आईसीयू (ICU) वार्ड वर्तमान में बंद पड़ा है। करोड़ों के उपकरण धूल फांक रहे हैं और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या जिले के बाहर रेफर किया जा रहा है। इस पर सांसद पाटिल ने सीएमएचओ को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि इस आईसीयू को तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए, ताकि गरीबों को निशुल्क और बेहतर इलाज मिल सके।

सांसद ने इसके बाद 16 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित ‘क्रिटिकल केयर यूनिट’ भवन का भी सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन के लोकार्पण से पहले सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण और अन्य व्यवस्थाएं अविलंब पूर्ण कर ली जाएं। सांसद ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 4 जनवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुरहानपुर प्रवास पर रहेंगे, जहां उनके कर-कमलों से इस भव्य क्रिटिकल केयर यूनिट का लोकार्पण सुनिश्चित किया गया है।

निरीक्षण के दौरान सांसद के सामने यह शिकायत भी आई कि सरकारी अस्पताल के कुछ डॉक्टर और कर्मचारी जानबूझकर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं। इस ‘रैकेट’ की गूंज पर सांसद ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि बाहरी निजी अस्पतालों से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत पाई गई, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस चिकित्सकीय कारण के मरीजों को बाहर रेफर करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रहे भोजन और दवाओं की गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने कहा, “सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिले, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से योजनाएं जनता तक नहीं पहुंच रही हैं। अब जवाबदेही तय होगी।” इस औचक निरीक्षण के बाद जिला अस्पताल के अमले में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले क्या अस्पताल का बंद पड़ा आईसीयू वास्तव में शुरू हो पाता है या नहीं।

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